नई दिल्ली: भारतीय रेलवे दिवाली से पहले बिहार को एक संभावित ऐतिहासिक तोहफ़ा देने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन सेवा अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में शुरू हो सकती है। यह ट्रेन पटना से दिल्ली के बीच चलाई जाएगी और इसे भारत की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के रूप में देखा जा रहा है।
दिवाली से पहले मिल सकता है बिहार को बड़ा तोहफा (फोटो - इंडियन रेलवे)
रेलवे बोर्ड और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) से जुड़े तकनीकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ट्रेन का ट्रायल पूरा हो चुका है और उसका संचालन अब कभी भी शुरू हो सकता है।
क्यों जरूरी है यह ट्रेन बिहार के लिए?
बिहार से दिल्ली आने-जाने वाले लाखों यात्रियों खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग, मरीज और व्यापारी को अक्सर लंबी, असुविधाजनक और देरी वाली यात्रा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एक हाई-स्पीड, सुरक्षित और आरामदायक ट्रेन का शुरू होना बिहार के लिए एक सांस्कृतिक और आर्थिक बदलाव का संकेत होगा।
विशेषताएं
- कुल यात्रा समय: लगभग 11.5 घंटे
- अधिकतम गति: 180 किमी/घंटा
- स्लीपर बर्थ सुविधा के साथ
- स्वचालित दरवाजे, CCTV निगरानी, LED डिस्प्ले
- एयरक्राफ्ट जैसी इंटीरियर डिज़ाइन
- उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम
- अत्याधुनिक शौचालय और स्वच्छता सुविधा
- ऑन-बोर्ड सूचना और अनाउंसमेंट सिस्टम
संभावित किराया
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस से 10–15% अधिक हो सकता है। यानी एकतरफ़ा यात्रा के लिए संभावित किराया 2200 रुपये से 2300 रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि यह अभी औपचारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है। अगर यह योजना अपने निर्धारित समय पर अमल में आती है, तो वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस बिहार और उत्तर भारत के लिए एक नई युग की शुरुआत होगी। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि रेलवे के डिजिटलीकरण, रफ्तार और सुविधा के मिलन की जीवंत मिसाल होगी।
