राजस्व महा-अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त शिविरों की अनुमति; 20 सितंबर तक चलेगा अभियान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व महा-अभियान को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए अहम कदम उठाए हैं। विभाग ने जहां अतिरिक्त शिविरों की अनुमति दी है, वहीं महादलित बस्तियों को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए हैं। 16 अगस्त से शुरू यह अभियान 20 सितंबर तक चलेगा, जिसमें घर-घर जमाबंदी प्रति और प्रपत्रों का वितरण किया जा रहा है।

Rajaswa Maha Abhiyan 2025: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व महा-अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभाग ने सभी जिला समाहर्ताओं को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हलके (पंचायत) में जरूरत पड़ने पर दो से अधिक अतिरिक्त शिविर लगाए जा सकते हैं। विभाग के सचिव जय सिंह द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया कि प्रगति समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई हलकों में केवल दो शिविरों के माध्यम से सभी आवेदकों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंचल अधिकारी अपने स्तर पर अतिरिक्त शिविर आयोजित कर सकेंगे। हालांकि, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन अतिरिक्त शिविरों के आयोजन से अभियान की अन्य गतिविधियां बाधित न हों।

CM Nitish Kumar (File Photo: ANI)

सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो: ANI)

महादलित टोलों और बस्तियों को विशेष प्राथमिकता

राजस्व महा-अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि महादलित टोलों और बस्तियों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में जमाबंदी पंजी की प्रति हर हाल में समय पर उपलब्ध कराई जाए। कई स्थानों पर बंदोबस्त की गई भूमि की जमाबंदी प्रति महादलित परिवारों तक समय पर नहीं पहुंच रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, अब वितरण दल को पहले महादलित बस्तियों में जाकर जमाबंदी की प्रति और आवश्यक आवेदन प्रपत्र उपलब्ध कराने होंगे, ताकि वे शिविरों में आकर त्रुटियों के समाधान के लिए आवेदन दे सकें।

End of Feed