बिहार में भाजपा खेला कर सकती है। जदयू के बड़े नेताओं में से एक उपेंद्र कुशवाहा का भाजपा के साथ नजदीकियां बढ़ती दिख रही है। हालांकि बिहार के सीएम नीतीश कुमार इन सबसे बेफिक्र दिख रहे हैं। उन्होंने इस मामले पर कहा है कि कुशवाहा पहले भी पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। हर आदमी स्वतंत्र है।
नीतीश कुमार से फिर अलग होंगे उपेंद्र कुशवाहा
मिलने पहुंचे भाजपा नेता
बिहार भाजपा के तीन नेताओं ने दिल्ली एम्स में जद (यू) संसदीय बोर्ड के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की है। इसके बाद ही कुशवाहा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई। शुक्रवार को भाजपा के पदाधिकारियों के साथ कुशवाहा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जैसे ही कुशवाहा के साथ भाजपा नेताओं की तस्वीरें वायरल हुईं, बिहार में भाजपा ने दावा किया कि उनका पार्टी में स्वागत किया जाएगा।
दो पहले हुई थी घरवापसी
उपेंद्र कुशवाहा वर्तमान में नियमित जांच के लिए एम्स में भर्ती हैं। जहां भाजपा के प्रेम रंजन पटेल, संजय टाइगर और योगेंद्र पासवान उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। दो साल पहले ही कुशवाहा नने अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) का विलय जदयू में करवाया था।
डिप्टी सीएम का दावा
कुशवाहा उससे पहले भी जदयू में ही थे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया था कि वह डिप्टी सीएम की दौड़ में थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके दावे को खारिज कर दिया था।
नीतीश से संबंध ठीक नहीं
चर्चा है कि उपेंद्र कुशवाहा नई सरकार में बड़ा पद चाहते थे, डिप्टी सीएम का तो दावा था ही, वो न मिला तो मंत्री पद या फिर कुछ और, लेकिन नीतीश इस मामले पर राजी नहीं हुए। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के साथ भी कुशवाहा के संबंध ठीक नहीं हैं।
