आमतौर पर पुलिस का नाम आते ही कड़क आवाज और रौबदार चेहरे का एहसास होता है, जो समाज से अक्सर दूर रहता हो। लेकिन, पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज के डीएसपी ने पुलिस के रूप में एक अनोखी तस्वीर पेश की है। दरअसल, डीएसपी रंजन कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सड़क हादसे में घायल एक माह के बच्चे और उसके परिजनों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। स्थानीय लोग भी पुलिस उपाधीक्षक के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।
बिहार में एक्सीडेंट
हादसे में तीन लोग हुए घायल
बताया गया कि अरेराज के दामोदरपुर निवासी जयप्रकाश शुक्ला अपनी पत्नी अमरीता देवी और छोटी पुत्री के साथ इलाज करवाने मोतिहारी गए थे। मोतिहारी से अपने एक माह के बच्चे का इलाज कराकर वापस घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार पशुरामपुर चौक के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में सभी तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
ये भी पढ़ें - UP Police का सालाना रिपोर्ट कार्ड जारी, 7 साल में एनकाउंटर में ढेर किए 217 क्रिमिनल; इतने पुलिसकर्मियों को मिली शहादत
घायल बच्चे को गोद में उठाकर ले गए अस्पताल
उसी समय मोतिहारी से अरेराज के डीएसपी रंजन कुमार वापस लौट रहे थे। उन्होंने कार में घायलों को देखा। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और घायलों को बाहर निकाला। एक भाड़े की गाड़ी का इंतजाम कर सभी को एबी अस्पताल, बोरिंग चौक पहुंचाया। उन्होंने एक माह के घायल बच्चे को खुद गोद में उठाकर अपने साथ अस्पताल लाए और भर्ती कराया। स्थानीय लोग डीएसपी रंजन कुमार के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि उनका मानवीय और तत्परता से भरा यह कार्य पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाने का उदाहरण बन गया है।
(इनपुट - IANS)
