Bettiah Raj Land: बिहार सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए बेतिया राज की करीब 15,358 एकड़ जमीन को सरकार के अधीन कर लिया है। यह फैसला राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल द्वारा पेश किए गए एक विधेयक को विधानसभा में मंजूरी मिलने के बाद संभव हुआ है। अब इस जमीन पर बिहार सरकार का कब्जा होगा। हालांकि, इस पर कई तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
फाइल फोटो।
बेतिया राज का इतिहास
बता दें कि बेतिया राज, बिहार के एक प्रमुख राजवंशों में से एक था। राजा हरेंद्र किशोर की रहस्यमयी मौत के बाद, उनकी पत्नियों महारानी शिवरतन कुंवर और महारानी जानकी कुंवर ने राज का संचालन किया, लेकिन संतान न होने और राज दरबार में चल रहे षड्यंत्रों के कारण, अंग्रेजी सरकार ने महारानी जानकी को अक्षम घोषित कर दिया और पूरी संपत्ति को कोर्ट ऑफ वॉर्ड्स के अधीन कर लिया।
संपत्तियों पर हो गया अतिक्रमण
अंग्रेजी शासन के बाद से ही बेतिया राज की संपत्ति पर अतिक्रमण का सिलसिला लगातार जारी रहा। बिहार के पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में स्थित इस विशाल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा अतिक्रमियों के कब्जे में चला गया। बताया गया कि बिहार सरकार का उद्देश्य बेतिया राज की संपत्ति को अतिक्रमण से मुक्त कराने और इसका समुचित उपयोग करना है। सरकार की योजना इस जमीन पर शिक्षण संस्थान, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की है।
