Bihar: छपरा हिंसा के बाद सारण जिले में नीतीश सरकार ने फेसबुक, वाट्सअप और ट्विटर पर कुछ दिनों के लिए बैन लगा दिया है। बिहार सरकार ने सारण जिले में 8 फरवरी को रात 11 बजे तक 23 सोशल नेटवर्किंग और मैसेजिंग एप्लिकेशन पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। बिहार सरकार की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, स्नैपचैट और अन्य ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सारण में जातीय हिंसा
कौन-कौन से एप शामिल
आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने फेसबुक, व्हाट्सएप, वीचैट, ट्विटर, गूगल प्लस, स्नैपचैट, टेलीग्राम, स्काइप और अन्य सोशल मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने उन सभी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनसे एक साथ कई मैसेज भेजे जा सकते थे।
प्रशासन ने क्या कहा
आदेश के में बिहार सरकार की ओर से कहा गया- "यह आशंका है कि सारण जिले में कुछ असामाजिक तत्व इंटरनेट का उपयोग सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए कर सकते हैं। ऐसा महसूस किया गया है कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स और इंस्टेंट मैसेजिंग सेवाओं का दुरुपयोग होने की संभावना है। इसलिए इन पर अस्थाई तौर पर बैन लगाया जा रहा है।"
क्या है मामला
दरअसल छपरा में एक मॉब लिंचिंग हुई है, जिसमें एक युवक की मौत हो गई है। घटना सारण के मांझी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव की है। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। आरोप है कि मुबारकपुर पंचायत की मुखिया मुखिया आरती यादव के पति विजय यादव ने अपने गुंडों के साथ मिलकर राजपूत समुदाय के तीन लोगों की पिटाई कर दी। जिसमें से एक अमितेश कुमार सिंह नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य राहुल कुमार सिंह और आलोक कुमार सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं घटना के बाद से फरार विजय यादव का आरोप है कि अमितेश व अन्य लोग मोटरसाइकिल पर आए और उन पर फायरिंग की, लेकिन वह भागने में सफल रहे।
हो गई हिंसा
इस घटना के वीडियो वायरल होने पर राजपूत समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और हिंसा करने लगे। आरोपी प्रधान के घर में आग लगा दी गई। सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ वीडियो पोस्ट किए गए। जिसके बाद इलाके में शांति बहाली के लिए भारी संख्या में फोर्स को तैनात करना पड़ गया।
