Bihar News: एक बार फिर गाड़ियों से बच्चों को स्कूल ढोने के संबंध में सरकारी फरमान आया है। थोड़े दिनों पहले राज्य में तिपहिया वाहनों से स्कूली बच्चों को लाने ले जाने पर पाबंदी लगाई गई। 1 अप्रैल से यह फैसला लागू करने के बाद प्रशासन ने इसपर अपना रुख कुछ नरम किया और एक सप्ताह के लिए ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को छूट दी गई। 9 तारीख से ये नियम फिर लागू होने वाले थे लेकिन प्रशासन ने इस मामले में कुछ शर्तों के साथ ऑटो को छूट दे दी। अब प्रशासन सारे स्कूली वाहनों को लेकर सख्त हो गया है, खासतौर पर ओवरलोडिंग को लेकर।
सारी स्कूली गाड़ियों पर प्रशासन सख्त
ओवरलोडिंग पर सख्त प्रशासन
ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। ऑटो में अधिकतम बच्चों को ऑटो में बैठाने की सीमा तय कर दी गई है। CNG ऑटो में अधिकतम 4 और बड़े ऑटो में 7 बच्चों को बैठाने की अनुमति होगी। तय सीमा से अधिक बच्चों को बैठाने पर चालकों पर 200 रुपए प्रति अतिरिक्त बच्चे के हिसाब से जुर्माना लगेगा। यह कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से कर सकेगी।
चालकों के लिए कड़े नियम
बच्चों को स्कूल ढोने वाले चालकों को भी अब कई नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। जिसमें चालकों के पास परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है और ट्रैफिक पुलिस के पूछने पर इन्हें दिखाना भी होगा। इसके अलावा सारे सुरक्षा मानकों का भी पालन करना अनिवार्य होगा। ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सभी गाड़ियों में लगेगा GPS और CCTV
बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने सभी स्कूल वैन, बस और ऑटो में GPS और CCTV कैमरा लगाना भी अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, ऑटो में सिर्फ GPS लगवाना होगा, कैमरे की बाध्यता नहीं होगी। GPS और कैमरों के जरिए ट्रैफिक SP, परिवहन विभाग और जिला परिवहन पदाधिकारी वाहनों की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेंगे। इसके साथ ही स्कूली सेवा में लगे सभी वाहनों के आगे और पीछे 'ऑन स्कूल ड्यूटी' का बोर्ड लगाना जरूरी होगा।
