बिहार की धरती पर 13 मई से बागेश्वर सरकार धीरेंद्र शास्त्री प्रवचन होगा। श्रद्धालु इंतजार कर रहे हैं। इस बीच उनके आगमन को लेकर बिहार में राजनीति गरमा गई है। आरजेडी और बीजेपी आमने-सामने हैं। इस राजनीति की शुरुआत हुई लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बयान से जिसमें उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार को चेतावनी दे डाली कि अगर हिंदू-मुस्लिम किया तो अच्छा नहीं होगा। इसके जवाब में बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि यहां की सरकार मुस्लिम परस्त हो गई है।
अगर हिंदू-मुस्लिम किया तो होगा विरोध
बाबा बागेश्वर को लेकर बिहार की राजनीतिक पारा चढ़ चुका है। बीजेपी और आरजेडी आमने सामने आ चुक हैं। इसकी शुरूआत लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने की। तेज प्रताप यादव ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम को लड़वाने वाले बागेश्वर को बिहार में घुसने नहीं देंगे। अगर वह यहां हिंदू-मुस्लिम को लड़वाने आ रहे हैं तो मैं उसका विरोध करूंगा। अगर वे भाईचारे का संदेश देंगे, हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई भाई-भाई का संदेश देंगे तो उनका बिहार में इंट्री हो सकता है।
मुस्लिम परस्त है नीतीश सरकार
इसके जवाब में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मैं बाबा धीरेंद्र शास्त्री का सम्मान करता हूं और सनातन धर्म को स्थापित करने का, जगाने का, लोगों ले जाने काम किया। यहां की मुस्लिम परस्त सरकार हो गई है। पीएफआई यहीं पर फल फुल रहा था। जो 2047 में भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहता था।
बिहार में धीरेंद्र शास्त्री का कार्यक्रम
पटना से 25 किलो मीटर दूर नौबतपुर में कथा करेंगे। यह 13 मई से 17 मई तक चलेगी। इस दिव्य दरबार में करीब 3 लाख भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। बाबा बागेश्वर के पहुंचने से पहले 12 मई को कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें 5100 महिलाएं कलश लेकर निकलेंगी। यह कलश यात्रा गांधी मैदान से दीघा घाट तक जाएगी।
धीरेंद्र शास्त्री ने खुद बताया-कब आ रहे हैं बिहार
धीरेंद्र शास्त्री को पहले पटना के गांधी मैदान में सभा करनी थी लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई। उन्होंने खुद बताया कि मैं 13 मई से बिहार आ रहा हूं। का बात बा...रउआ सब ठीक बानी। जुग जुज जिये रा..अमर होई जा। गो लागू। बड़ा आनंद आएगा, हम बिहार आ रहे हैं।
