बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। निगरानी विभाग ने हाल ही में किशनगंज में एक सरकारी कर्मचारी (अमीन) निरंजन कुमार को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। निरंजन कुमार ने एक व्यक्ति, मोहम्मद अजमेर आलम, से उनकी जमीन के मुआवजे के लिए ₹2 लाख की मांग की थी।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज (फोटो - Canva)
प्रमोद कुमार के ठिकानों पर छापेमारी
पीड़ित की शिकायत पर, निगरानी विभाग ने इस मामले की जांच की और 9 जुलाई को निगरानी थाना कांड संख्या 50/25 के तहत मामला दर्ज किया गया कार्रवाई करते हुए अमीन को बस स्टैंड के पास से पकड़ा। इस कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी डीएसपी संजय कुमार ने किया। इसके अलावा, आर्थिक अपराध इकाई ने एक इंजीनियर, प्रमोद कुमार, के ठिकानों पर भी छापेमारी की।
इस कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी डीएसपी संजय कुमार ने किया। इसके अलावा, आर्थिक अपराध इकाई ने एक इंजीनियर, प्रमोद कुमार, के ठिकानों पर भी छापेमारी की। प्रमोद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कानूनी कमाई से 309% ज्यादा की संपत्ति जमा की है। यह छापेमारी पटना, सहरसा और सीतामढ़ी में एक साथ छह जगहों पर की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई में, स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने खगड़िया में मद्य निषेध विभाग के डीएसपी अभय प्रसाद यादव के घर पर भी छापा मारा है। यह छापेमारी भी उनकी आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की गई है। हालांकि, अभी तक इस छापेमारी में क्या बरामद हुआ है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
