पटना : शहर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में गुरुवार को हत्या के दोषी और पैरोल पर बाहर आए एक व्यक्ति की बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान बक्सर जिले के निवासी चंदन के रूप में हुई है और वह इलाज के लिए अस्पताल गया था। पटना (मध्य) की एसपी दीक्षा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया यह व्यक्ति बेउर जेल में कैदी था और पैरोल पर इलाज के लिए अस्पताल गया था। अधिकारी ने बताया कि घायल को अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है।
(सांकेतिक फोटो)
5 से 6 लोग अस्पताल में पिस्टल लेकर दाखिल हुए
पुलिस के मुताबिक उसने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है और घटना के सिलसिले में पटना और बक्सर से छह संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें दिख रहा है कि पांच हथियारबंद लोग अस्पताल के आईसीयू में घुस रहे हैं और व्यक्ति पर गोलियां चला रहे हैं। पुलिस महानिरीक्षक मध्य रेंज (पटना) जितेंद्र राणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीम बनाई गई हैं। पुलिस ने चंदन मिश्रा की हत्या में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली है। घटना के सिलसिले में पटना और बक्सर से कम से कम छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधीक्षक पटना (मध्य) दीक्षा ने कहा, ‘‘हम अस्पताल अधिकारियों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और हत्यारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। हत्या के एक मामले में दोषी चंदन मिश्रा बेउर जेल में बंद था और पैरोल पर इलाज के लिए अस्पताल गया था। वह 12 से अधिक हत्या के मामलों सहित 24 आपराधिक मामलों में संलिप्त था।
दीक्षा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पटना के एक निजी अस्पताल में कुछ हथियारबंद लोगों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी। घटना उस समय हुई जब वह अस्पताल में इलाज के लिए आया था। वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
पुरानी रंजिश का मामला
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पुरानी रंजिश का मामला प्रतीत होता है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ‘‘सरकारी अपराधियों ने अस्पताल में भर्ती मरीज को आईसीयू में घुसकर मारी गोली। बिहार में कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं? 2005 से पहले ऐसे होता था? पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी आरोप लगाया कि इस गोलीबारी ने नीतीश कुमार सरकार की पोल खोल दी है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। मैं राज्यपाल से मिलकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करूंगा। अपराधियों को उनकी जाति के आधार पर मारा जा रहा है। यादव अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। यादव ने बाद में दावा किया कि उन्हें शाम को एक गुमनाम व्यक्ति का कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने उन्हें अस्पताल में हुई हत्या की घटना से दूरी बनाए रखने को कहा।
उन्होंने शाम को संवाददाताओं से कहा कि फोन करने वाले ने मुझे इस हत्याकांड से दूर रहने को कहा। यह एक धमकी भरा फोन था। मैं डीजीपी से कह रहा हूं कि मैं सिर्फ इसलिए चुप हूं क्योंकि मैं कानून का सम्मान करता हूं। आज की घटना में हत्यारों को हर कोई जानता है। मैं जानता हूं कि गोपाल खेमका के बेटे को किसने मारा... उसे जमीन के एक टुकड़े के लिए मार दिया गया। खेमका के बेटे की हत्या के पीछे एक नेता का हाथ है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एक अलग घटना में, बृहस्पतिवार सुबह पटना के शाहपुर इलाके में कुछ लोगों ने एक व्यक्ति की उसके घर के बाहर धारदार हथियार से हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान शुभम उर्फ बंटी के रूप में हुई है। अधिकारी ने कहा कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और पाया कि उस व्यक्ति की घर के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। शुभम पर धारदार हथियारों से हमला किया गया।
पटना नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘शुभम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है। हत्या के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
