पटना: राजधानी की सड़कों और बाजार में अतिक्रमण से अधिकारी परेशान हैं। अतिक्रमण से जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में व्यापारियों समेत ग्राहकों और वाहन चालकों बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। लिहाजा, प्रशासन ने गुरुवार यानी 15 फरवरी से 2 मार्च तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा अवैध तरीके से अतिक्रमण कर किए निर्माण पर भी बुलडोजर की कार्रवाई हो सकती है। प्रमंडलीय आयुक्त कुमार रवि ने जिलाधिकारी और एसएसपी को स्पेशल ड्राइव चलाने के लिए मल्टी एजेंसी टीम का गठन करने का निर्देश दिया है। इस आदेश से पांच जिला प्रशासन द्वारा पांच टीमों का गठन किया गया है। इनमें जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी शामिल हैं। ये टीमें नगर निगम के नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर अंचल के साथ नगर परिषद दानापुर निजामत इलाके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी।
पटना अतिक्रमण हटाओ अभियान
अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई
गौरतलब है पटना की प्रमुख बाजारों से लेकर सड़कों पर कई ठेले खोमचे वाले अतिक्रमण किए हुए हैं। कईयों ने सड़क पर ही दुकानें सजा ली हैं। इससे स्थानीय बाजार में संचालित दुकानों के मालिक भी परेशान हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ रहा है। वहीं, अवैध तरीके से कब्जा की जमीन पर भी बड़ी कार्रवाई के संकेत हैं। बिगड़ती स्थिति को संज्ञान में लेते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान को अमल में लाने की कवायत शुरू हो गई है। इसके लिए प्रशासन ने बड़ा प्लान तैयार किया है।
थानाध्यक्ष करेंगे ये काम
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि थानाध्यक्ष रोजाना अतिक्रमण हटाने का विवरण स्टेशन डायरी में अंकित करेंगे। अभियान चलाने से पहले क्षेत्र में अनुमंडल पदाधिकारी माइकिंग कराने के साथ अतिक्रमण हटाने की वीडियोग्राफी भी कराएंगे। अतिक्रमण हटाने के दौरान सामान जब्त करने के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। वहीं, सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश करने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
