बिहार पुलिस मुख्यालय ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो वर्दी की गरिमा को ताक पर रखकर सोशल मीडिया पर रील बना रहे थे। डीजीपी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वाले 50 पुलिसकर्मियों की सूची जारी की गई है। मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि इन चिन्हित 'रीलबाज' पुलिसकर्मियों के खिलाफ मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन के तहत तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
बिहार पुलिस के लिए निर्देश
पटना में सबसे ज्यादा 'रीलबाज', पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष भी शामिल
मुख्यालय द्वारा जारी इस सूची में सबसे अधिक 16 पुलिसकर्मी पटना जिले के हैं। इसके अलावा, पूर्णिया जिले की दो महिला पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। सूची में मधुबनी से 4, दरभंगा से 2 और गया, कटिहार, सहरसा, मुंगेर जैसे जिलों से भी पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया गया है। मुख्यालय ने सबूत के तौर पर संबंधित वीडियो और रील्स के लिंक भी जिलों को भेजे हैं ताकि कार्रवाई में कोई पारदर्शिता की कमी न रहे।
शबाना आजमी : विवादों और रील से पुराना नाता
पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी पहले भी सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों और वीडियो को लेकर विवादों में रही हैं। इससे पहले फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी रहते हुए भी उन्होंने थाने की कुर्सी पर परिजनों को बैठाकर फोटो खिंचवाई थी, जो काफी वायरल हुई थी। बार-बार चेतावनी और डीजीपी स्तर से रोक के बावजूद इंटरनेट मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने के कारण अब उन पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अधिकारियों का मानना है कि वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर वीडियो बनाना पुलिस की छवि को धूमिल करता है।
विभागीय अनुशासन और SOP का सख्ती से पालन
सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) द्वारा जारी पत्रांक 42 के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग में मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है। मुख्यालय की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम अब चौबीसों घंटे इंटरनेट पर नजर रख रही है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के भीतर अनुशासन को पुनः स्थापित करना और जनता के बीच पुलिस की एक गंभीर और उत्तरदायी छवि बनाए रखना है। अब देखना यह है कि जिलों के एसपी इन चिन्हित कर्मियों पर क्या कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
