पटना : बिहार की राजधानी पटना में बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कराने और बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रूपसपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में दस्तावेज, ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड और परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
बैंक परीक्षा में सेटिंग और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण चंद, कर्ण कुमार, राज कुमार, अमित चौधरी और मनोज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 23 ब्लैंक चेक, विभिन्न बैंकों से जुड़े दस्तावेज, कई शैक्षणिक प्रमाणपत्र, एडमिट कार्ड, आठ मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं।
अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलते थे शातिर
जांच में पता चला है कि गिरोह पटना के विजय नगर स्थित एक फ्लैट से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपी बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता दिलाने, प्रमोशन एग्जाम में सेटिंग कराने और बैंक में नौकरी दिलाने का दावा कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलते थे। पुलिस को आशंका है कि परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने और अन्य अवैध तरीकों का भी इस्तेमाल किया जाता था।
दानापुर के एसडीपीओ शिवम धाकड़ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व उपकरण बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय था और बिहार के अलावा अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी निशाना बना रहा था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ठगी के शिकार लोगों की संख्या का पता लगाने में जुटी है।
रूपसपुर थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी या परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था के बहकावे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
