22 अप्रैल हिंदू नरसंहार का दिन, आतंकियों ने 26 लोगों को चुनकर मारा; पहलगाम हमले की बरसी पर ऐशन्या द्विवेदी का 'पाक' को कड़ा संदेश

Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले हुए कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी कहती हैं कि 22 अप्रैल को हिंदू नरसंहार हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। उन्होंने पाकिस्तान से संबंधों और खेल को लेकर कहा कि राजनीति उनके समझ से परे है, लेकिन हमें पाकिस्तान के साथ किसी प्रकार के संबंध नहीं रखने चाहिए।

Pahalgam Terror Attack Anniversary : पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। पिछले साल आज ही के दिन (22 अप्रैल 2025) पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को देश याद कर रहा है। वहीं, अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर पीड़ित परिवार के दिल में जिंदा है। इस बीच कानपुर के दिवंगत शुभम द्विवेदी की पत्नी ने अपने दर्द बयां किए। उन्होंने कहा कि कुछ यादें ऐसी होती हैं जिन्हें जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान से किसी प्रकार के संबंध और समझौते करने की जरूरत नहीं है।

Shubham Dwivedi Wife Aishanya Dwivedi

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर बात करतीं शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी

पाकिस्तान से संबंधों पर बोलीं-ऐशन्या द्विवेदी

आतंकी हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रति मेरा गुस्सा बहुत व्यक्तिगत है, उन्होंने मेरी जिंदगी पर उस मोड़ पर वार किया है जब मेरी जिंदगी खत्म हो चुकी है। अब सिर्फ एक इंसान ही जिंदा बचा है। यह सिर्फ मेरे साथ नहीं, बल्कि सभी 26 लोगों के साथ है, सिर्फ उन 26 लोगों के साथ ही नहीं, बल्कि हर आतंकी हमले के पीड़ित के परिवार के साथ भी। हम हमेशा यही कहेंगे कि पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए, न ही किसी और चीज से, यहां तक कि खेल से भी नहीं। पीटीआई/भाषा से उन्होंने कहा राजनीति समझ से परे है। मुझे पता है कि हमारे प्रधानमंत्री अपने देश से बहुत प्यार करते हैं। अगर राजनीतिक स्तर पर हमारे देश के हित में कुछ कदम उठाने जरूरी हैं, तो हमारा गुस्सा जायज है, लेकिन उनके कदम भी अपने स्तर पर जायज हैं... मेरा पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक ही संदेश है - यह अब वह देश नहीं है जो चुप रहता है और घटनाओं को बर्दाश्त करता है। हमारी रक्षा सिस्टम बहुत मजबूत है और आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना जानती है, वह उसका सामना करना जानती है।

End of Feed