आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी में सियासत तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी यूपी में सक्रिय हो गए हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ के अमोड़ा में आयोजित जनसभा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब किसी की गुलामी नहीं करनी है, बल्कि सभी को अपना नेता खुद बनना होगा। उनका कहना था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए,वह केवल यहां के लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाना चाहते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को अपनी जवानी अपने माता-पिता के नाम कुर्बान करनी चाहिए,न कि अखिलेश यादव के नाम। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने हमेशा मुसलमानों का इस्तेमाल सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए किया, लेकिन उन्हें कभी बराबरी का हक नहीं दिया।
संभल से चुनाव लड़कर दिखाएं योगी,गोरखपुर से मैदान में उतरें अखिलेश
ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए, जबकि अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे को चुनौती देने के बजाय इन सीटों से चुनाव लड़कर दिखाएं, तब पता चल जाएगा कि जनता किसे कितना समर्थन देती है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सरकार ने जिस तरह से पाबंदियां लगाईं और युवाओं को हिरासत में लिया, उससे उनके हौसले नहीं टूटने वाले हैं। उन्होंने उन विपक्षी दलों पर भी सवाल उठाए, जो दिल्ली के प्रदर्शन में उनके साथ थे।
इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए अमेरिकी टैरिफ ने आज़मगढ़ के मुबारकपुर बनारसी साड़ी के करोड़ों रुपये के कारोबार को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों के खिलाफ तोड़-फोड़ और कार्रवाई से हिंदुओं को कोई फायदा होता है? उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा की कमी जैसे मुद्दों को हल करने के बजाय, सरकार सिर्फ बुलडोजर की राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
