वृंदावन में 200 से अधिक विधवा महिलाओं ने खेली गोपीनाथ मंदिर में होली, बरसों तक ’अशुभ’ कहकर त्योहारों से दूर रख गया

Vrindavan Holi: पूरा वृंदावन शहर एनर्जी से भरा हुआ है और इस खास बदलाव यानी विधवा महिलाओं की होली के जश्न का केंद्र ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर है। बाहर की अस्त-व्यस्त सड़कों के उलट, यहां का जश्न अपनेपन वाला लेकिन शानदार होता है।

Vrindavan Widow Holi Celebration: सफेद साड़ियों में जिंदगी ने सोमवार को वृंदावन के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर में रंगों की खुली उड़ान भर ली। बरसों तक ’अशुभ’ कहकर त्योहारों से दूर रखी गईं विधवा महिलाओं ने हंसी की खनक, भक्ति की स्वर-लहरियों और उड़ते गुलाल के बीच इस बार न सिर्फ होली देखी, बल्कि उसे जीया, जैसे मानो रंगों ने उनके जीवन के सूनेपन पर दस्तक दी हो और कहा हो-अब वर्जनाएं नहीं, बस उत्सव।

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वृंदावन में 200 से अधिक विधवा महिलाओं ने खेली गोपीनाथ मंदिर में होली

’बंसी वाले की जय’ के गूंजते जयघोष

’सुलभ इंटरनेशनल’ की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने बताया कि पांच आश्रमों से आईं 200 से अधिक विधवा महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ उत्सव में भाग लिया। ’बंसी वाले की जय’ के गूंजते जयघोषों के बीच वे मंदिर में गाए जा रहे रासिया गीतों की धुन पर थिरकीं और देखते ही देखते एक-दूसरे पर एक हजार किलोग्राम से अधिक फूल तथा 700 किलोग्राम गुलाल उड़ा दिया।

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