Noida Skywalk Project: नोएडा के सेक्टर-62 स्थित मॉडल टाउन चौराहे पर कई महीनों की देरी के बाद अब 530 मीटर लंबे स्काईवॉक का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का मकसद शहर के प्रमुख ऑफिस हब में ट्रैफिक जाम कम करना और पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा देना है। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के अगले 8 से 9 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।
नोएडा में स्काईवॉक का निर्माण शुरू (सांकेतिक फोटो)
मेट्रो निर्माण के कारण रुका था काम
इस स्काईवॉक की आधारशिला फरवरी माह में रखी गई थी, लेकिन तब दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक रिवर्सल प्लेटफॉर्म का निर्माण कार्य चल रहा था। जिसके कारण स्काईवॉक का काम शुरू नहीं हो सका। मेट्रो परियोजना में अब पर्याप्त प्रगति हो गई। जिसके बाद अब स्काईवॉक निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
हर दिन 50 हजार पैदल यात्री करते हैं सड़क पार
सेक्टर-62 चौराहा नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाला व्यस्त जंक्शन है। 2025 में हुए सर्वे के अनुसार, यहां रोजाना करीब 50 हजार पैदल यात्री सड़क पार करते हैं। फुटओवर ब्रिज की कमी के चलते लोग तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क पार करते हैं, जिससे हादसों का खतरा और ट्रैफिक जाम दोनों बढ़ते हैं।
चारों दिशाओं को जोड़ेगा स्काईवॉक
चार मीटर चौड़ा यह स्काईवॉक सेक्टर-62, सेक्टर-63 और एनएच-9 के दोनों ओर स्थित चारों मार्गों को आपस में कनेक्ट करेगा। इसे मौजूदा फुटओवर ब्रिज से भी जोड़ा जाएगा, जिससे लोग विश्वकर्मा रोड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को सुरक्षित तरीके से पार कर सकेंगे।
लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियों की सुविधा
स्काईवॉक में 350 मीटर का गोलाकार हिस्सा और 180 मीटर का सीधा रास्ता होगा। पूरी संरचना पर लोहे की छत का निर्माण किया जाएगा, ताकि बारिश और तेज धूप से बचाव किया जा सके। इसके चारों एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर सीढ़ियां, लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जाने वाली बस सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाएगी। साथ ही, निर्माण के दौरान जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जा सकता है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर लगेगी रोक
फिलहाल क्षेत्र में ई-रिक्शा, ऑटो और फुटपाथ पर लगे रेहड़ी-पटरी की वजह से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है। स्काईवॉक बनने के बाद पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ता उपलब्ध होगा, जिससे अवैध अतिक्रमण और सड़क पर भीड़ कम होने की उम्मीद है।
