नोएडा: योगी सरकार प्रदेश में हवाई जहाज इंडस्ट्री डेवलप करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि.(नायल) के पास एक हजार एकड़ भूमि पर इसी माह एक नई योजना लाने की तैयारी है। यहां विमानों के कलपुर्जों के साथ-साथ उसकी असेंबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां स्थापित करने का प्लान है। इसके लिए भारतीय कंपनियों के साथ-साथ अमेरिका समेत कई विदेशी कंपनियां भी अपनी यूनिट लगाने के लिए विचार कर रही हैं।
नोएडा एयरपोर्ट के पास हवाई जहाज इंडस्ट्री डेवलप होगी
1365 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट नोएडा में नायल बना रहा है। यहां एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से भारत ही नहीं बल्कि, दूसरे देशों के विमानों की मरम्मत की जाएगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे फेज में 1365 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इसे मेंटीनेंस रिपेयर एंड ओवरहॉल व एविएशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
अमेरिकन कंपनियां ले रहीं दिलचस्पी
नायल ने एविएशन हब बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक हजार एकड़ जमीन 5-5 एकड़ की यूनिट्स लगेंगी, जबकि एंकर यूनिट के लिए कुछ बड़े साइज वाली लैंड भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जल्द ही एविएशन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम लाई जाएगी, जिसमें हवाई जहाज की असेंबलिंग, इंजन बनाने वाली कंपनियां, नोजल बनाने वाली कंपनियां और हवाई जहाज के अन्य इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनियां अपनी यूनिट्स स्थापित करेंगी। कई कंपनियों के साथ अमेरिकन दूतावास के जरिए बातचीत भी हो चुकी है।
75 परसेंट लैंड सब्सिडी
अरुणवीर सिंह के मुताबिक, यूपी कैबिनेट की ओर से हाल ही में मंजूर एफडीआई पॉलिसी का लाभ विदेशी कंपनियों को मिलेगा। एफडीआई पॉलिसी के तहत उन्हें 75 परसेंट लैंड सब्सिडी दी जाएगी, जबकि 100 करोड़ तक कैपिटल सब्सिडी, 10 साल तक 100 परसेंट स्टेट जीएसटी का रिइम्बर्समेंट और पेटेंटिंग, लोगों की ट्रेनिंग पर व स्किल अपग्रेडेशन पर सरकार 500 लोगों के लिए 5 हजार रुपये 7 साल तक प्रदान करेगी। इसके अलावा बाहर के देशों से इक्विपमेंट लाने पर कस्टम में छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह एविएशन हब और फॉरेन इन्वेस्टमेंट के लिए अनुकूल अवसर है।
विदेशी कंपनियों के लिए भी रास्ता खुल गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री विकसित करने के लिए लेआउट बनाने का काम पीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया है। इसका लेआउट बनते ही नायल बोर्ड की बैठक बुलाकर स्कीम लाने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके आने से रोजगार के अथाह अवसर पैदा होंगे।
