दिल्ली में इन दिनों प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। दिल्ली में पूर्व में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली की मौजूदा सरकार ने स्कूलों को फीस बढ़ोतरी की मनमान करने की छूट दे दी है। उधर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार भी फीस बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस बीच फीस बढोतरी का विरोध करने वाले अभिभावकों के गले एक और मुबीबत पड़ गई है।
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी का विरोध
प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सरकार भी सक्रिय है। दिल्ली सरकार ने कल यानी बुधवार 16 अप्रैल को ही लगभग 600 स्कूलों की ऑडिट रिपोर्ट मांगी थी। यही नहीं 10 स्कूलों को नोटिस भी जारी किया गया है। लेकिन प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली में राजनीति लगातार गर्म है।
फीस बढ़ोतरी को लेकर इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेंट्स काफी परेशान हैं। अभिभावक फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं। इस बीच फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले अभिभावकों को 2.15 करोड़ का लीगल नोटिस भी भेजा गया है।
बता दें कि राजधानी के 15 स्कूलों के खिलाफ उनमें पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। माता-पिता का आरोप है कि स्कूल फीस को लेकर मनमानी कर रहे हैं, जबकि स्कूलों में सुविधाएं नदारद हैं। सृजन स्कूल ने पैरेंट्स एसोसिएशन को 2.15 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है।
इधर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्वीन मैरी स्कूल पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पैरेंट्स की मांग है कि स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर रोग लगाई जाए। उनका आरोप है कि स्कूल मनमाने तरीके से अलग-अलग चार्ज वसूल रहे हैं।
