Noida STF के हत्थे चढ़े 2 हाई-टेक ठग, चीनी गैंग है हैंडलर; डिजिटल अरेस्ट कर ऐसे लगाते थे चूना

नोएडा एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट से ठगी करने वाले चीनी गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के जरिए चीनी हैंडलर्स से जुड़े थे और भारतीय नागरिकों के म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे थे।

नोएडा: एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और ट्रेडिंग एप्स के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय चीनी गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी टेलीग्राम चैनल के जरिए चीनी हैंडलर्स से जुड़े थे और भारतीय नागरिकों के म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हर्ष वर्धन और रोहन अग्रवाल के रूप में हुई है। हर्ष कलिंगा यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी कर रहा है, जबकि रोहन इंटरमीडिएट पास है। एसटीएफ गौतमबुद्ध नगर के अनुसार, रोहन की मुलाकात कानपुर में सट्टा खेलने के दौरान आमिर नामक व्यक्ति से हुई थी, जो कमीशन के आधार पर चीनी नागरिकों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराता था। इसके बाद रोहन टेलीग्राम पर चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में आ गया और उनके लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करने लगा।

Chinese gang digital arrest fraud

साइबर अपराधी गिरफ्तार

बेहद हाई-टेक था चोरी का तरीका

गिरोह का तरीका बेहद हाई-टेक था। आरोपी भारतीय नागरिकों के बैंक खातों को एपीआई टूल से जोड़कर विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को एक्सेस उपलब्ध कराते थे। बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से Chinese Dragon Message App इंस्टॉल कर लिया जाता था, जिससे ओटीपी सीधे चीनी अपराधियों तक पहुंच जाता था। इसके जरिए वे खातों से धन ट्रांसफर कर लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि गिरोह के सदस्य ठगी से प्राप्त धन को क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलते थे और फिर हवाला के जरिए इसे भारत में नकद में बदलकर अपने साथियों में बांट देते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि नवंबर 2024 से अब तक रोहन अग्रवाल के USDT वॉलेट में करीब 3.49 करोड़ रुपये (388000 USDT) ट्रांसफर किए गए हैं।

End of Feed