KYC Update Fraud: केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के दो साइबर जालसाजों को गौतमबुद्ध नगर जिले की नोएडा पुलिस ने पकड़ा है। आरोपियों की पहचान वाराणसी के राजा तालाब के रहने वाले अंकित कुमार सिंह और सूरज सिंह के रूप में की गई है। आरोपी कमीशन देकर उपभोक्ताओं का डाटा लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। दोनों शातिरों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल और सात सिम बरामद किए गए हैं। पुलिस को गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों की तलाश है।
नोएडा पुलिस ने पकड़े शातिर साइबर ठग। (सांकेतिक फोटो)
सेक्टर-36 स्थित साइबर थाना की इंस्पेक्टर रीता यादव के अनुसार, पुलिस टीम ने अंकित और सूरज को पकड़ा। नोएडा में रहने वाली आशा कौल के पीएनबी पेंशन बैंक खाता की केवाईसी अपडेट कराने के लिए दोनों शातिरों ने 12 फरवरी को बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया था।
महिला के चार खातों से उड़ाए 6 लाख 25 हजार
इसके बाद आरोपियों ने महिला को झांसा देते हुए खाते की जानकारी ले ली। आरोपियों ने चार खाते से छह लाख 25 हजार रुपये उड़ा दिए। महिला ने ठगी की शिकायत पुलिस से की थी। साइबर क्राइम थाने की प्रभारी ने बताया कि अंकित ने सूरज का बैंक खात खुलवाया था। इसके बाद एटीएम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और चेक बुक ली थी। अंकित ने अंकित इंटरप्राइजेज के नाम पर अपना भी खात खुलवाया था। दोनों ने कमीशन लेकर 150 लोगों का खाता खुलवाया। एटीएम और चेक बुक समेत अन्य सामान गिरोह के सरगना को दे दी थी।
झारखंड के जामताड़ा से गिरोह का संचालान
गिरोह के सदस्यों का जामताड़ा के जालसाजों से भी सीधा कॉंटेक्ट है। झारखंड के जामताड़ा से इस गिरोह का संचालान हो रहा है। संगठित गिरोह के जालसाज खाता धारकों को बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी अपडेट कराने के लिए फोन करते हैं। और मदद के नाम पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाकर ओटीपी पूछते हैं। इसके बाद ग्राहकों के साथ ठगी की घटना को अंजाम दे देते हैं। वहीं दूसरी ओर, नोएडा के सेक्टर-39 कोतवाली इलाके में स्थित गार्डन ग्लोरी सोसायटी में रहने वाले कई लोगों के पास साइबर जालसाजों ने एंट्री और पार्किंग के लिए इस्तेमाल होने वाले पार्क प्लस एप को हथियार बनाते हुए लिंक भेजकर ठगी की कोशिश की। हालांकि सोसायटी के लोगों ने सावधानी बरतते हुए साजिश को पर्दाफाश करा दिया।
