विश्व के सबसे बड़े हवाई अड्डों में होगा नोएडा एयरपोर्ट

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  • Updated Aug 21, 2022, 03:48 PM IST

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भार कम करने के लिए करवाया जा रहा है। इस एयरपोर्ट से वर्ष 2024 के अंत तक एक रनवे पर फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। इस पर कुल 5 रनवे डेवलप होंगे, जिसकी शुरुआत में वर्ष भर में करीब सवा करोड़ पेसेंजर्स को इसका फायदा मिलेगा।

KEY HIGHLIGHTS
  • जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का काम तेजी पर
  • पहले फेज के डवलपमेंट पर करीब 10 हजार करोड़ खर्च होंगे
  • जेवर एयरपोर्ट पर सवा करोड़ यात्रियों की जिम्मेदारी होगी

नोएडा एक इतिहास लिखने जा रहा है। यहां दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक एयरपोर्ट बन रहा है। राजधानी के सीमावर्ती इलाके गौतमबुद्ध नगर में स्थित जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहले फेज का निर्माण कार्य जोरों पर है। सूत्रों के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट से वर्ष 2024 के अंत में फ्लाइट्स शुरू होने की संभावना है। जेवर हवाई अड्डे के पहले फेज को डेवलप करने पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक खर्च किए जा रहे हैं । इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को यमुना एक्सप्रेस - वे व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस- वे सहित आसपास के इलाके की सभी प्रमुख सड़कों और नेशनल हाइवे से जोड़ा जाएगा।

एयरपोर्ट से 2024 में फ्लाइट शुरू होने की संभावना है।

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट 1300 हेक्टेयर से भी अधिक एरिया में फैला हुआ है। फिलहाल पहला चरण पूरा होने के बाद एक रनवे के साथ इसकी क्षमता एक वर्ष में करीब सवा करोड़ पेसेंजर्स को उड़ान सेवाएं देने की हैं। वहीं सभी पांचों रनवे शुरू हो जाने के बाद यह क्षमता बढ़कर करीब 7 करोड़ पेसेंजर्स तक पहुंच जाएगी। शुरुआती दौर में यहां पर दो रनवे शुरू किए जाएंगे। गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट आरंभ होने के बाद यूपी देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां पर पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे। वर्तमान में तमिलनाडु और केरल ही ऐसे राज्य हैं, जहां 4-4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। यूपी के अयोध्या व कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शुरू हुआ है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एक खास बात ये भी जुड़ेगी कि दिल्ली एनसीआर में बनने वाला दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इसके पीछे का मकसद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दबाव घटना है ।

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