Noida News: अगर आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा या आसपास के इलाकों में रहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। क्योंकि नोएडा प्राधिकरण ने शहर की कनेक्टिविटी मजबूत करने और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (Noida Greater Noida Expressway) पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक परियोजना को मंजूरी दे दी है। 29 किमी लंबी और 4 लेन चौड़ी यह परियोजना 500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। इसे रिवरफ्रंट रोड परियोजना भी कहा जा रहा है। यमुना-हरनंदी (हिंडन नदी) दोआब क्षेत्र में बनने वाला यह नया कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा और ग्रेटर नोएडा के करीब पांच लाख लोगों को इससे सीधा लाभ होगा।
नोएडा में बनेगा एक और एक्सप्रेसवे, प्राधिकरण से मिली मंजूरी
प्राधिकरण के CEO कृष्ण करुणेश के मुताबिक, यह परियोजना क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने के साथ ही भविष्य के शहरी विकास को भी रफ्तार देगी। उन्होंने कहा कि परियोजना पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को जाम से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
25 सेक्टर और 20 गांवों की मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क परियोजना से नोएडा के सेक्टर 94, 124 से 135, 150 से 155, 158, 159, 163, 164 और 168 समेत 25 आवासीय सेक्टरों को बेहतर रोड कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जहांगीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नांगला नांगली, रोहिल्लापुर, नांगला वाजिदपुर, छपरौली, मंगरौली, मोहियापुर, बड़ौली, झट्टा, दल्लूपुरा, गुजरान डेरीं, कमबक्शपुर, याकुटपुर, गुलावली और मोमनथल सहित 20 गांव भी इस परियोजना से लाभान्वित होंगे। इलाके की लगभग 75 ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के निवासियों को भी इससे तेज और आसान विकल्प मिलेगा।
11.2 किमी सड़क कौ चौड़ीकरण
इस परियोजना के तहत यमुना तटबंध के साथ पहले से मौजूद 11.2 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस पर लगभग 34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही बताया कि परियोजना पर अब तक 11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
नई योजना में यमुना दोआब के मौजूदा मार्ग का विस्तार किया जाएगा, जबकि हरनंदी दोआब के साथ लगभग 17 किलोमीटर लंबी नई चार लेन सड़क बनाई जाएगी। यह मार्ग नोएडा सेक्टर-150 तक पहुंचेगा और वहां कोंडली-बांगर की ओर से आने वाली 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ जाएगा। इससे यात्रियों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच एक वैकल्पिक कॉरिडोर मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण की जरूरत ना के बराबर
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी। दोआब क्षेत्र में 22 से 28 मीटर चौड़ी पट्टी पहले से ही उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के नियंत्रण में है, जिसे सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सीईओ कृष्ण करुणेश का कहना है कि जहां किसानों की सहमति होगी, वहां तटबंध का विस्तार किया जा सकता है। अगर अतिरिक्त भूमि की जरूरत पड़ती है तो प्राधिकरण नियमानुसार मुआवजा देने के लिए भी तैयार रहेगा।
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का दबाव होगा कम
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से अभी हर रोज लगभग 10 लाख वाहन गुजरते हैं, जिसके कारण पीक आवर्स में अक्सर यहां लंबा जाम लग जाता है। प्राधिकरण का मानना है कि नई रिवरफ्रंट रोड शुरू होने के बाद ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा इस वैकल्पिक मार्ग पर चला जाएगा। साथ ही स्पोर्ट्स सिटी, जेपी विश टाउन और यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे आवासीय विकास को भी इस परियोजना से नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
