देश के तमाम शहरों और राज्यों को जोड़ने के लिए NHAI ही विश्वस्तरीय सड़कें बनाता है। NHAI की जिम्मेदारी सिर्फ सड़क बनाना ही नहीं, बल्कि उसका रखरखाव भी होता है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा पर भी NHAI का विशेष ध्यान होता है। यही कारण है कि NHAI की तरफ से सड़क सुरक्षा को लेकर समय-समय पर खास पहल भी की जाती है। ऐसी ही एक पहल गुजरात में National Highway 48 (NH-48) पर देखने को मिली। लेकिन NHAI की यह पहल इतनी अनोखी है कि जिसकी भी इस पर नजर पड़ती है, वह कुछ पहल के लिए ठिठक जरूर जाता है।
सड़क सुरक्षा अवेयरनेस के लिए NHAI की अनोखी पहल
सड़क हादसों को कम करने और वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरुक करने के लिए NHAI और साबरकांठा जिला पुलिस ने यह अनोखी पहल शुरू की है। हादसों की गंभीरता का प्रत्यक्ष एहसास कराने के लिए दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई एक कार को यहां दुर्घटना संभावित क्षेत्र में प्रदर्शित किया गया है। यह पहल साबरकांठा के रसूलपुर के पास हिम्मतनगर-प्रांतिज सेक्शन में शुरू की गई है।
प्रभावी संदेश देने के लिए उठाया गया ये कदम
NHAI और साबरकांठा पुलिस के ट्रैफिक विभाग की इस संयुक्त पहल का मकसद वाहन चालकों को तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर परिणामों के प्रति सचेत करना है। अधिकारियों का मानना है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को देखकर वाहन चालकों पर प्रत्यक्ष और प्रभावी संदेश जाएगा, जिससे वे सड़क पर ज्यादा सावधानी बरतेंगे।
दुर्घटनाग्रस्त कार बनी संदेश देने का माध्यम
यहां रसूलपुर के पास ऊंचे घंबे पर रखी गई क्षतिग्रस्त कार को एक तरह के सड़क सुरक्षा संदेश के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। NHAI के अनुसार, इसका उद्देश्य वाहन चालकों को यह याद दिलाना है कि तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पहल के जरिए हाईवे पर चलने वाले लोगों में जिम्मेदार और सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
NH-48 पर भारी यातायात
चिलोडा से शामलाजी के बीच NH-48 का हिस्से में भारी यातायात रहता है। ऐसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NHAI और स्थानीय पुलिस के बीच लगातार समन्वय जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क सुरक्षा जागरुकता के साथ अन्य सुरक्षा उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है।
जागरुकता भी हादसों को रोकने अहम
NHAI ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, हमेशा सीट बेल्ट लगाने, दूसरे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। NHAI के मुताबिक सड़क सुरक्षा सिर्फ सड़क और इंजीनियरिंग से जुड़े उपायों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार और जागरुकता भी हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाती है।
यह पहल ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख जोखिमों में शामिल हैं। क्षतिग्रस्त वाहन को दुर्घटना संभावित स्थान पर प्रदर्शित करने का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क पर जिम्मेदारी और सावधानी के साथ सफर करने का सीधा संदेश देना है।
