NEET Paper Leak: महाराष्ट्र के लातूर जिले में नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर (Shivraj Motegaonkar) की गिरफ्तारी के बाद अब उनके बड़े निर्माण प्रोजेक्ट की चर्चा भी तेज हो गई है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि मोटेगांवकर कथित तौर पर नीट पेपर लीक मामले से जुड़े हुए थे। लातूर के खोपेगांव शिवर इलाके में करीब आठ एकड़ जमीन पर एक बड़ा भवन बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यहां स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी चल रही थी।
आठ एकड़ जमीन पर बन रहा था बड़ा शिक्षा प्रोजेक्ट (Photo: Shivrajmotegaonkar.com)
सीबीआई ने रविवार को मोटेगांवकर को किया गिरफ्तार
निर्माणाधीन इमारत काफी बड़ी है और इसका काम तेजी से चल रहा था। अब मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए पैसे कहां से आए, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीबीआई ने रविवार को मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, उनके मोबाइल फोन से नीट यूजी परीक्षा का कथित लीक प्रश्नपत्र मिला है। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि मोटेगांवकर एक संगठित गिरोह का हिस्सा थे, जो परीक्षा से पहले पेपर लीक करने और उसे फैलाने में शामिल था। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्हें परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिल गए थे।
कई शहरों से 10 लोग अरेस्ट
सीबीआई के मुताबिक, मोटेगांवकर की पहचान केमिस्ट्री शिक्षक पी. वी. कुलकर्णी से थी, जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान उनके ठिकानों से ऐसे प्रश्न बैंक भी मिले, जिनमें वही सवाल थे जो असली परीक्षा में पूछे गए। इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई लगातार मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था। नीट पेपर लीक मामले ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
