दिल्ली : नीट (NEET) पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी कानूनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के बाद, अब एजेंसी ने मामले की प्रभावी पैरवी के लिए अधिवक्ता अर्जुन आनंद को पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है।
कोर्ट (सांकेतिक फोटो-Istock)
राउज एवेन्यू कोर्ट में होगी सुनवाई
अधिवक्ता अर्जुन आनंद अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष सीबीआई का पक्ष रखेंगे। इस अदालत का गठन विशेष रूप से पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए किया गया है। सीबीआई की ओर से इस नियुक्ति को मामले को निर्णायक मोड़ तक ले जाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में इन सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
360 गवाहों के बयान
CBI के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि चार्जशीट अत्यंत ठोस और विस्तृत है। एजेंसी ने इसमें 360 गवाहों के बयानों, 422 महत्वपूर्ण दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों (Material Objects) को शामिल किया है, जो मामले की गंभीरता को साबित करने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। बढ़ते विवाद और छात्रों के आक्रोश के मद्देनजर, 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद, 21 जून को पुनः परीक्षा का आयोजन किया गया था। अब इस पूरे प्रकरण की कानूनी प्रक्रिया विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आगे बढ़ रही है।
