Blue Drum Murder Case: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज और अब से कुछ देर बाद कोर्ट का फैसला आने वाला है। कोर्ट में सजा पर दोनों पक्षों की लंबी बहस पूरी हो चुकी है, और आज शाम 4 बजे अदालत इस खौफनाक मामले में अपना फैसला सुनाएगी कि दोषियों को क्या सजा मिलेगी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के तीन बड़े फैसलों का हवाला देते हुए इस घटना को 'रेरेस्ट ऑफ रेरेस्ट' (सबसे दुर्लभ) कैटेगरी में रखने की मांग की।
सौरभ राजपूत हत्याकांड (फाइल फोटो)
सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था, बल्कि बेहद शातिर तरीके से सोच-समझकर रची गई साजिश थी। हत्या के बाद भी आरोपी बेखौफ घूमते रहे, इसलिए उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट से कम से कम यानी मिनिमम सजा देने की अपील की है।
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अदालत ने दोनों को माना था दोषी
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में अदालत ने पुख्ता सबूतों के आधार पर मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को सौरभ राजपूत का कातिल करार दिया था। इस फैसले के बाद से मृतक की मां रेनू देवी और भाई राहुल न्याय की उम्मीद में लगातार आंसू बहा रहे हैं। उनका साफ कहना है कि उनके बेटे के साथ जो दरिंदगी हुई है, उसके बाद इन दोनों को फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
4 मार्च 2025 की घटना
यह दिल दहला देने वाली घटना 4 मार्च 2025 की है। आरोप है कि सौरभ की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से हमेशा के लिए सील कर दिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात को 19 महीने बीत चुके हैं, लेकिन ब्रह्मपुरी का वह मकान आज भी खामोश और वीरान पड़ा है।
मकान मालिक का कहना है कि लोग अब इस जगह को 'हत्या वाला घर' कहकर बुलाते हैं, जिसके चलते वहां न तो कोई नया किराएदार टिकता है और न ही कोई उसे खरीदने को तैयार है। पुलिस और कानून के इस शिकंजे के बीच आज पूरे मेरठ की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं।
