मानसून जहां एक तरफ खुशियां लेकर आता है, गर्मी से राहत लेकर आता है। वहीं इसके साथ कई दुश्वारियां भी आती हैं। खासतौर पर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने और लैंडस्लाइड की वजह से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों की तरह इस साल भी बारिश और बाढ़ के कारण काफी नुकसान हा है। कल यानी बुधवार 16 जुलाई को भी सिरमौर जिले में लैंडस्लाइड के कारण नेशनल हाईवे बंद हो गया। अभी राज्य में करीब 200 सड़कें बंद पड़ी हैं।
हिमाचल में करीब 200 सड़कें टूटीं
बुधवार को सिरमौर जिले में शिल्लाई के पास एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ। इस भूस्खलन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707 बंद हो गया। यह राजमार्ग हटकोटी को पोंटा से जोड़ता है। पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा गिरने से इस रूट पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई।
यहां पर तुरंत ही सड़क खोलने का काम शुरू कर दिया गया, लेकिन पहाड़ से लगातार मलबा आने की वजह से सड़क खोलने के काम में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे वहां सड़क के दोनों तरफ भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इसके लावा शिमला के आसपास भी सड़क पर पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हुईं और ट्रैफिक जाम लग गया।
कहां कितनी सड़कें बंद
बुधवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में करीब 200 सड़कें बंद हैं, इनमें NH-707 भी शामिल है। इस साल मानसून से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला है। मंडी जिले में 140 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसके बाद सिरमौर जिले का नंबर है, जहां 27 सड़कें टूटी हुई हैं और कुल्लू में 21 सड़कें टूटने से आवाजाही प्रभावित है।
हिमाचल में अभी और बारिश की वॉर्निंग
पानी की सप्लाई भी बाधित
यही नहीं लैंडस्लाइड की वजह से राज्य में 137 जल परियोजनाओं पर भी असर पड़ा है। लोगों के घरों तक नल से जल नहीं पहुंच पा रहा है। राज्य के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार इस मानसून में 47 पावर डिस्ट्रिबयूशन ट्रांस्फॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं।
बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
स्थानीय मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में सोमवार 21 और मंगलवार 22 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के कुछ जिलों में 20 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश जारी रहेगी। राज्य में मानसून ने 20 जून को एंट्री ली थी। राज्य के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने अब तक बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं के चलते 109 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसमें 64 लोगों की मृत्यु बारिश से जुड़ी घटनाओं के चलते, 45 की मौत सड़क हादसों के चलते हुई है। इसके अलावा 199 लोग घायल हुए हैं और 35 लोग अब भी गायब हैं।
अस साल मानसून के चलते राह्य को 883 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इस दौरान आधिकारिक सूचना के अनुसार कुल 31 फ्लैश फ्लड, 22 घटनाएं बादल फटने की हुई हैं और भूस्खलन की भी 18 घटनाएं हुई हैं।
