मेरठ शहर की पहचान 1857 की क्रांति से है। मेरठ शहर को उसके खेल के सामान के लिए भी जाना जाता है और मेरठ की पहचान उसके विश्व प्रसिद्ध नौचंदी के मेले के लिए भी है। नौचंदी का मेला मेरठ की पहचान है। यह मेला मेरठ की सांस्कृतिक पहचान है। इस मेले में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। अब तो दिल्ली और मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन भी चलती है, जिससे दिल्ली और आसपास के लोग भी यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके भी लोग मेरठ पहुंच सकते हैं। मेरठ से प्रयागराज तक बना गंगा एक्सप्रेसवे भी जल्द शुरू होने वाला है और लोग पूर्वी उत्तर प्रदेश से भी इसमें शामिल होने पहुंच सकते हैं।
नौचंदी मेले की तैयारियां शुरू
कब होगा नौचंदी मेले का उद्घाटन
मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का पारंपरिक उद्घाटन 15 मार्च को होगा। हालांकि, मेले में दुकानें इस उद्घाटन के लगभग एक महीने बाद आएंगी। इस तरह से कहा जाए तो नौचंदी मेले का शुभारंभ 25 अप्रैल से होगा और 1 मई तक चलेगा।
कल यानी गुरुवार 5 मार्च को विकास भवन सभागार में मेला नौचंदी समिति की बैठक हुई। इस दौरान डीएम डॉ. वीके सिंह ने इस मेले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसकी गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि अगर कोई लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ सीधे शासन को लिखा जाएगा। मीटिंग के दौरान मेले की समस्त कमेटियों के गठन के लिए संशोधित नामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस मीटिंग में कहा गया कि सभी कमेटी सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को समय से आमंत्रण पत्र उपलब्ध कराए जाएं। यही नहीं, निर्देश दिया गया कि 15 मार्च को होने वाले मेले के उद्घाटन की सभी तैयारियों को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था, पार्किंग, दुकानों के आवंटन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, शौचालय, प्रदर्शन, स्टॉलों का आवंटन, झूलों की व्यवस्था, स्वास्थ्य कैंप आदि कई बिंदुओं पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिया गया कि नौचंदी मेला समिति, उप-समिति को अंतिम रूप देने के साथ ही नियमित तौर पर बैठकें करवाई जाएं।
बता दें कि परंपरा के अनुसार नौचंदी मेले का उद्घाटन होली के बाद एक रविवार छोड़कर दूसरे रविवार को बड़ी ही धूमधाम से होता है। इस बार होली के बाद पहला रविवार 8 मार्च और दूसरा 15 मार्च को है। इस तरह से नौचंदी मेले का उद्घाटन 15 मार्च को होगा। हालांकि मेले में दुकानें लगभग एक महीने बाद आएंगी। बता दें कि बुलंदशहर और अलीगढ़ की नुमाइश खत्म होने के बाद ही यहां दुकानें आती हैं। इस तरह मेले की विधिवत शुरुआत 25 अप्रैल से एक मई के बीच होगा।
