Nasik: महाराष्ट्र के नासिक में TCS कंपनी से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी हलचल हुई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ नासिक पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इम्तियाज जलील पर इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस से छिपाने और आश्रय देने में सहायता करने का आरोप लगा है।
TCS कांड की आरोपी पेशी के लिए जाती हुई (फाइल फोटो)
जांच में मिले सबूतों के बाद कानूनी कार्रवाई
नासिक पुलिस द्वारा इस बहुचर्चित मामले की गहन जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान SIT को ऐसे ठोस इनपुट और सबूत मिले हैं जो दर्शाते हैं कि फरार चल रही आरोपी निदा खान को कानूनी कार्रवाई से बचाने और उसे पनाह देने में जलील की भूमिका या संलिप्तता थी। इससे पहले AIMIM के पूर्व नगरसेवक मतीन पटेल से भी SIT ने निदा खान को छिपाने के संबंध में तीन बार पूछताछ की थी, जिसके बाद मामले के तार वरिष्ठ नेतृत्व तक जुड़ते दिखे।
अदालत में पेश होने और पुलिस पूछताछ के निर्देश
मामला दर्ज होने के बाद पूर्व सांसद इम्तियाज जलील की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं: अदालत में पेशी अनिवार्य: कानूनी प्रक्रिया के तहत अब इम्तियाज जलील को संबंधित अदालत के समक्ष पेश होना होगा। एसआईटी द्वारा उन्हें आगे की विस्तृत पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए जाएंगे। SIT का कहना है कि वे मामले से जुड़े हर एक तथ्य, सबूत और वित्तीय या लॉजिस्टिक सहायता की जांच कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में एआईएमआईएम नेता के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
