दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने आज यानी सोमवार 13 अप्रैल को कहा कि ’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिलेगा।
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करतीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ’नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ (Nari Shakti Vandan Act) में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस कानून के समर्थन की अपील की।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक पहचान के मूल में नारी शक्ति निहित है। उन्होंने कहा, आज भारत की नारी ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। एक दौर था जब बेटियों के अस्तित्व पर संकट था, लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से कहीं आगे बढ़कर ‘बेटी बढ़ाओ’ के युग में प्रवेश कर चुका है।
महिला गरिमा के लिए मील का पत्थर है ये एक्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी ने अपनी हर योजना के केंद्र में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को रखा गया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों, उज्ज्वला योजना से मिली धुआं-मुक्त रसोई और जनधन खातों के जरिए मिली आर्थिक स्वतंत्रता, महिला गरिमा के लिए मील का पत्थर।
रेखा गुप्ता ने कहा, आज देश की बेटियां न सिर्फ शिक्षा और पोषण में आगे हैं, बल्कि सेना में फाइटर जेट उड़ाकर देश की सीमाओं की रक्षा भी कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम: ‘वूमेन-लेड डेवलपमेंट’ का आधार। यह अधिनियम, देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सबसे कठिन कार्य उत्कृष्ट रूप से पूरा करती हैं महिलाएं
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने और अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अवसर खोलने वाली योजनाएं शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'महिलाओं को जब अवसर दिया जाता है तो वे सबसे कठिन कार्यों को भी उत्कृष्ट रूप से पूरा कर सकती हैं - आपने यही संदेश दिया।'
’नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ 2023 में पारित किया गया था। इसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अधिनियम में संशोधन करने वाले एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है और इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और इसे 2029 के आम चुनावों से लागू किया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी है। 16 से 18 अप्रैल तक संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जहां संशोधन विधेयक पर चर्चा और उसे पारित किए जाने की उम्मीद है।
