पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में शुमार नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी अचानक बढ़ गई है। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार मिलन प्रधान को बुधवार को हल्दिया जेल से रिहा कर दिया गया। एक दिन पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें वर्ष 2007 से दर्ज छह अलग-अलग आपराधिक मामलों में 20 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी।
कांग्रेस प्रत्याशी को मिली जमानत (फाइल फोटो)
अदालत से मिली इस राहत के बाद उन्हें नंदीग्राम सीट पर चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिल गई है। बुधवार को जैसे ही मिलन प्रधान हल्दिया जेल के दरवाजे से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। जेल से रिहा होते ही मिलन प्रधान ने बिना समय गंवाए सीधे चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।
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जेल से निकलते ही चुनाव प्रचार में जुटे प्रधान
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अब चुनाव प्रचार के लिए बहुत कम समय बचा है, इसलिए वे आज से ही घर-घर जाकर वोट मांगना शुरू कर देंगे। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि नंदीग्राम की जनता इस बार किसी बाहरी उम्मीदवार को नहीं, बल्कि अपने ही क्षेत्र के बेटे को जिताना चाहती है। उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा है।
गौरतलब है कि नंदीग्राम की यह सीट भाजपा नेता और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
9 तारीख को आएगा चुनाव परिणाम
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है और प्रचार का दौर 4 अक्टूबर को थम जाएगा। मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। ऐसे में आखिरी के कुछ दिनों में मिलन प्रधान की रिहाई ने नंदीग्राम की लड़ाई को काफी दिलचस्प बना दिया है।
