देश में सड़कें लगातार बेहतर होती जा रही हैं, जिससे घंटों की दूरियां मिनटों में सिमट रही हैं। नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे से सफर न सिर्फ तेज बल्कि आरामदायक भी हो गया है। लेकिन तेजी से आरामदायक सफर कई बार दु:स्वप्न भी बन जाता है। आपको भी कई बार एक्सप्रेसवे और हाईवे पर टोल प्लाजा से पहले लंबा जाम झेलना पड़ा होगा। आज भी टोल गेट तक पहुंचने से पहले कई किमी लंबा जाम लग जाता है। इससे यात्रियों को घंटों उस जाम से जूझना तो पड़ता ही है, साथ ही टोल भी चुकाना पड़ता है। ऐसे ही एक मामले में घंटों जाम में फंसे यात्रियों को टोल के रूप में लिया गया पैसा वापस उनके फास्टैग में रिफंड किया जा रहा है। चलिए जानते हैं -
जाम में बिताए घंटों, अब वापस होगा चुकाया गया टोल (फोटो - PTI)
कहां की है घटना
घटना मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की है। आपको ज्ञात ही होगा कि 3 फरवरी को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में अडोशी टनल के पास गैस से भरा एक टैंकर पलट गया था। इसके कारण एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिसमें लाखों यात्री लगभग 33 घंटे तक फंसे रहे।
FASTag में होगा रिफंड
अगर आप भी इस जाम में फंसे थे और आपको टोल चुकाना पड़ा था तो आपका टोल टैक्स वापस आपके FASTag में रिफंड किया जा रहा है। चेक कर लें हो सकता है, आपके FASTag में रिफंड आ भी गया हो। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कल यानी रविवार को इस संबंध में जानकारी दी।
दरअसल घटना मंगलवार 3 फरवरी की है, जब मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खंडाला घाट सेक्शन में शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया। इस दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे पर जाम लग गया और करीब 33 घंटे तक 1 लाख से ज्यादा गाड़ियां यहां फंसी रहीं। उस समय जाम में फंसे लोगों को पास खाने-पीने और दूसरी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी का सामना करना पड़ा था।
कितने रुपये होंगे रिफंड
उस समय गाड़ियों को तेजी से निकालने के लिए टोल कलेक्शन रोकने का ऑर्डर जारी किया गया था। हालांकि, जिन गाड़ी मालियों के FASTag से टोल वसूला गया था, अब उन्हें वापस करने का फैसला लिया गया है। इस तरह से MSRDC लगभग 5.16 करोड़ रुपये FASTag में रिफंड कर रहा है।
मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर लगा था 33 घंटे लंबा जाम
पुराने हाईवे पर डायवर्ट की गई थी गाड़ियां
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलटने के कारण गैस लीक के हालात से निपटने के लिए NDRF,SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें तुरंत मौके पर तैनात की गई थीं। इस दौरान पुणे से मुंबई की ओर जाने वाली लेन को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। यहां आने वाले ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर डायवर्ट किया गया था।
FM, सोशल मीडिया के जरिए अपडेट
हालात को काबू में लाने के लिए पुणे लेन से मुंबई की तरफ 15-20 मिनट के ब्लॉक में गाड़ियां जा रही थीं। अगले दिन यानी बुधवार 4 फरवरी की शाम तक गाड़ियों की कतार करीब 20 किमी लंबी हो गई थी। इस एक्सप्रेसवे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी MSRDC के पास है। MSRDC और IRB MPEPL की टीमें लगातार FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए यात्रियों को लगातार इसका अपेडट दे रही थीं। उस दौरान लोगों से यह भी अपील की गई थी कि अगर बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।
एक्सप्रेसवे पर फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां-जहां संभव था, वहां पानी-बिस्किट बांटे। यात्रियों ने इस दौरान सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की और खूब भड़ास भी निकाली। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को 'पार्किंग लॉट' तक करार दे दिया था।
