Mumbai News: मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर जहरीले कैप्सूल बांटने की एक गंभीर साजिश का खुलासा करते हुए एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फैयाज प्रेमजी नामक आरोपी को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के अनुसार, वह बिना किसी वैध अनुमति के 'दर्द से राहत' की दवा बताकर लोगों के बीच कैप्सूल बांटते और उनकी बिक्री करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, जेजे और भायखला इलाके से गुजर रहे मुहर्रम जुलूस के दौरान गश्त कर रही टीम की नजर आरोपी पर पड़ी। वह जुलूस में शामिल लोगों को कैप्सूल देता हुआ दिखाई दिया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और उसके पास मौजूद बड़ी मात्रा में कैप्सूल जब्त कर लिए।
मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश नाकाम
कैप्सूल बांटता और बेचता नजर आया शख्स
सेंट्रल रीजन जोन-1 के डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि शुक्रवार देर रात भायखला पुलिस थाना क्षेत्र में मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति लोगों के बीच कैप्सूल बांटता और बेचता नजर आया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और उसके कब्जे से कैप्सूल का पूरा स्टॉक बरामद किया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने विशेष रूप से मुहर्रम के जुलूस को निशाना बनाकर यह योजना बनाई थी।
50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगवाया था
डीसीपी जयंत मीणा के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने लगभग 30 हजार खाली कैप्सूल और करीब 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगवाया था। जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान पुणे निवासी फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है। वह पेशे से पेंट कारोबारी है और बीबीए की पढ़ाई कर चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कई दिनों तक अपने ठिकाने पर बैठकर इन खाली कैप्सूलों में जहरीला पदार्थ भरने का काम किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सलमान सैयद नामक एक व्यक्ति ने कथित तौर पर इन कैप्सूलों का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द और लगातार उल्टी की शिकायत होने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
ईरान और इराक की यात्रा
भायखला पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रत्येक कैप्सूल में लगभग एक ग्राम जिंक फॉस्फाइड भरा गया था। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि वर्ष 2025 के दौरान आरोपी ईरान और इराक की यात्रा पर गया था। इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि उसके संपर्कों और गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। इस मामले में फैयाज प्रेमजी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 110 और 123 के तहत जहर देकर नुकसान पहुंचाने और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी शिया खोजा मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है।ईरान में फिजियोथेरेपिस्ट है बहन
पुलिस जांच में सामने आया है कि फैयाज प्रेमजी के पारिवारिक संबंध ईरान से जुड़े हुए हैं। उसकी बहन वहां फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में कार्यरत है, जबकि उसकी मां भी ईरान में ही रहती हैं। वहीं, उसकी पत्नी से उसका तलाक हो चुका है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच फैयाज ने कई बार ईरान और इराक की यात्राएं कीं। पुलिस के अनुसार, केवल पिछले एक वर्ष के दौरान ही वह 19 बार इन दोनों देशों की यात्रा कर चुका था। फिलहाल अधिकारी इन विदेश दौरों के उद्देश्य और उनसे जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं।
मामले की जांच जारी
पुलिस के मुताबिक फैयाज पुणे के विमान नगर क्षेत्र का रहने वाला है, जहां वह पेंट के कारोबार से जुड़ा हुआ है। मुंबई आने पर उसने डोंगरी इलाके के एक गेस्ट हाउस और डॉरमेट्री में ठहरने की व्यवस्था की थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह किसी व्यक्ति या समूह के प्रभाव में काम कर रहा था या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था। हालांकि, अब तक किसी आतंकी संगठन से उसके संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है। फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा, बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति या संगठन शामिल था या नहीं।
