Navi Mumbai News: नवी मुंबई के जुईनगर क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पांच साल तक अपने घर में कैद रहा। युवक ने डर के कारण खुद को अपने घर में बंद कर लिया। इन 5 सालों में वह कचरा फेंकने भी घर से बाहर नहीं गया। जिस कारण उसके कमरे में गंदगी का अंबार लग गया।
सांकेतिक फोटो
परिवार को खोकर मानसिक रूप से टूटा युवक
यह मामला पनवेल निवासी 35 वर्षीय युवक का है, जिसने 2020 में अपने माता-पिता और भाई को खो दिया था। जिससे उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। इस हादसे के बाद वह खुद को पूरी दुनिया से अलग मानने लगा और उसे लगने लगा। उसे लगा कि उसके पास अब कोई नहीं है और अगर वह किसी से मिला, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।
LIC महिला एजेंट ने युवक के साथ की धोखाधड़ी
इंजीनियर की इस मानसिक स्थिति का एक LIC की महिला एजेंट ने फायदा उठाया। उसने झूठ बोलकर खुद को उसकी संपत्ति की वारिस घोषित करवा लिया। उसने युवक को यह भी कहा कि अगर वह किसी से मिला, तो लोग उसे मार देंगे। यह डर उसके अंदर इस कदर घर कर गया कि उसने अपने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। युवक ने 2020 से 2025 तक अपने घर में ही कैद होकर जीवन बिताया। वह खाना भी होटल से मंगवाता था, लेकिन कभी भी कचरा बाहर नहीं फेंका। उसके कमरे में सालों से तक कचरे और गंदगी का ढेर लग गया।
स्थानीय लोगों ने शील आश्रम को बुलाया
स्थानीय लोगों ने जब उसके घर से बदबू और अजीब हरकतों को देखीं, तो उन्होंने शील आश्रम को सूचना दी। जिसके बाद आश्रम की टीम मौके पर पहुंची। जब टीम ने घर का दरवाजा खुलवाया, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला मिला। युवक कमरे में अकेला पड़ा था, वह बेहद कमजोर और मानसिक रूप से टूट चुका था। उसे तत्काल उपचार और देखभाल के लिए ले जाया गया। फिलहाल युवक की मानसिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही एजेंट द्वारा की गई धोखाधड़ी की भी छानबीन की जा रही है।
