देश की राजधानी नई दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को जोड़ने वाला Mumbai-Delhi Expressway देश के सपनों का एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से होकर गुजरेगा। कुल 1386 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का 1156 किमी हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है। जिसमें से 756 किमी हिस्से को आम जनता के लिए खोला भी जा चुका है। चिंता बाकी बचे 230 किमी के हिस्से को लेकर है। चिंता भी इसलिए क्योंकि एक्सप्रेसवे की बनने की रफ्तार थम सी गई है। 8 महीने में सिर्फ 20 एक्सप्रेसवे ही बनाया गया है, ऐसे में प्रश्न यही है कि आखिर ये एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार कब होगा?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की फाइल फोटो
120 की रफ्तार के लिए बना एक्सप्रेसवे
बता दें कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को 8 लेन का बनाया गया है। जिसे भविष्य में बढ़ाकर 12 लेन का किया जा सकता है। इस एक्सप्रेसवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि गाड़ियां इस पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा फर सकें।
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो अभी निर्माणाधीन है। एक्सप्रेसवे से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी हद तक कम हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे को लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की जमकर तारीफ भी होती है। यह एक्सप्रेसवे देश के कई शहरों को आपस में जोड़ेगा। लेकिन जून 2024 से फरवरी 2025 के बीच एक्सप्रेसवे का सिर्फ 20 किमी हिस्सा बनने से चिंता होना लाजमी है। ये आंकड़ा स्वयं मंत्रालय ने दिया है।
मंत्रालय का आंकड़ा
दरअसल मंत्रालय ने बुधवार को राज्यसभा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लेकर अपडेट दिया। मंत्रालय ने जुलाई 2024 में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि जून 2024 तक एक्सप्रेसवे का 82 फीसद काम पूरा हो गया था। यानी जून 2024 तक 1136 किमी काम पूरा गया था। अब मंत्रालय ने उसी राज्यसभा में जानकारी दी है कि फरवरी 2025 तक 1156 किमी काम पूरा हो चुका है। यानी 8 माह में सिर्फ 20 किमी ही एक्सप्रेसवे बन पाया है।
देरी का कारण क्या है?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने का रिवाइज्ड शेड्यूल भी दिया था, जो अक्टूबर 2025 है। मंत्रालय ने बुधवार को एक लिखित जवाब में कहा कि शुरुआत में ठेकेदार की तरफ से स्लो प्रोग्रेस, जमीन अधिग्रहण जैसे मामलों के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई थी। सरकार इस प्रोजेक्ट का काम समय पर पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
दोनों शहरों की दूरी भी घट जाएगी
1386 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाने और इसके जनता के लिए खुल जाने के बाद यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। हालांकि, अभी इसके जितने हिस्से को जनता के लिए खोला गया है, उसी में यह देश के सभी एक्सप्रेसवे से लंबा हो चुका है। एक बार एक्सप्रेसवे के खुल जाने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच सफर मात्र 12 घंटे में पूरा हो जाएगा, जिसमें अभी 24 घंटे का समय लगता है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी मौजूदा 1440 (NH48) से कम होकर 1356 किमी रह जाएगी।
