Mumbai girish Mahajan viral video: महाराष्ट्र के मुंबई में वायरल वीडियो (Mumbai viral video) को लेकर राज्य मंत्री गिरीश महाजन ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे यह नहीं कहेंगे कि जो हुआ वह पूरी तरह गलत था, लेकिन कुछ बातें सही तरीके से भी कही जा सकती थीं। मंत्री महाजन ने बताया कि हाल ही में एक विधेयक पास होने के बाद कांग्रेस के खिलाफ महिलाओं द्वारा जन आक्रोश मोर्चा निकाला गया था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े मार्च जब सड़कों पर निकलते हैं और एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर बढ़ते हैं, जैसे वर्ली की तरफ, तो उस दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित होना सामान्य बात है।
प्रदर्शन को लेकर प्रशासन को पहले ही दी गई थी जानकारी-महाजन
आपको बता दें कि गिरिश महाजन ने यह भी कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन में कुछ समय के लिए असुविधा होना लगभग तय होता है। हालांकि, उनका मानना है कि गुस्सा या विरोध व्यक्त करने का एक सही और मर्यादित तरीका होना चाहिए। इस मामले में कुछ जगहों पर इस्तेमाल की गई भाषा को उन्होंने अनुचित बताया। गिरीश महाजन ने आगे कहा कि प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को पहले ही बता दिया गया था कि सड़क को लगभग 10 मिनट के भीतर खाली कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति को बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
सड़क पर ट्रैफिक जाम होने से महिला ने मंत्री पर निकाला गुस्सा
इस बयान के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है, और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के मुंबई में महिलाओं के आरक्षण को लेकर बीजेपी (Mumbai BJP rally) की एक रैली के दौरान एक दिलचस्प और तनावपूर्ण घटना सामने आई। राज्य ते मंत्री गिरिश महाजन (Girish Mahajan) इस रैली में मीडिया से बात कर रहे थे, तभी एक महिला अचानक वहां पहुंची और ट्रैफिक जाम को लेकर नाराजगी जताने लगी। यह रैली वर्ली इलाके में आयोजित की गई थी, जहां भारी भीड़ के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग गया था।
महिला ने मंत्री से गुस्से में कहा कि वे यहां से चले जाएं क्योंकि उनके कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। उसने सवाल उठाया कि रैली किसी खुले मैदान में भी की जा सकती थी, जिससे सड़कें जाम न होतीं। महिला का कहना था कि सैकड़ों लोग रास्ते में फंसे हुए हैं और उन्हें समय पर अपने काम पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है। मंत्री ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन महिला फिर से वापस आई और अपनी बात और सख्ती से रखी।
