Mumbai Crime News: मुंबई में ठगी का नया मामला सामने आया है। पुलिस ने एक दंपत्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दंपत्ति पर एक इंश्योरेंस कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने बताया है कि, आरोपी दंपत्ति निजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को कथित रूप से मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाकर 50 लाख रुपये हड़पने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने कथित तौर पर कंपनी को बीमित-आरोपी पति की सड़क दुर्घटना में मौत की फर्जी कहानी बताई थी।
बीमे के 50 लाख लेने के लिए किया फर्जी मौत का दावा (प्रतीकात्मक फोटो)
दंपत्ति ने फर्जी पुलिस रिपोर्ट के दस्तावेज भी इंश्योरेंस कंपनी को दिखाए, लेकिन सत्यापन के दौरान बीमा कंपनी ने पाया कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बाद डिंडोशी पुलिस ने शुक्रवार को लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शिकायत के आधार पर दंपत्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपी पति ने पत्नी को बनाया नॉमिनी
शिकायत के मुताबिक, पुणे के हडपसर इलाके के रहने वाले 36 वर्षीय आरोपी प्रकाश रामचंद्र माने ने इस साल जनवरी में कंपनी की वेबसाइट के जरिए 25 लाख रुपये का ई-टर्म प्लान लिया था। प्लान में उसे आकस्मिक मृत्यु के मामले में 25 लाख रुपये के अतिरिक्त कवर का भी लाभ मिला था। अपनी इस जीवन बीमा पॉलिसी में माने ने एकमात्र लाभार्थी के रूप में अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाया हुआ था। पत्नी ने 15 मार्च को बीमा कंपनी को सूचित किया कि उसके पति की 6 मार्च, 2022 को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, और कंपनी से 50 लाख रुपये की बीमा राशि देने के लिए के अनुरोध किया था।
इस तरह हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
अपने आवेदन के साथ पत्नी ने अपने पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पूछताछ पंचनामा, स्पॉट पंचनामा, अपराध विवरण फॉर्म, पुलिस पाटिल की ओर से जारी एक प्रमाण पत्र जैसे प्रासंगिक दस्तावेज भी जमा किए थे। माने के पिता ने पुणे जिले के सासवड थाने में बयान भी दिया था। मामले पर डिंडोशी पुलिस ने कहा है कि, कंपनी के क्लेम डिपार्टमेंट ने दस्तावेजों का सत्यापन किया और उन सभी को फर्जी पाया और इस तरह पता चला कि आरोपी दंपत्ति ने इंश्योरेंस कंपनी को धोखा देने की कोशिश की थी। पुलिस ने माने और उसकी पत्नी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) 471 (जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) का मामला दर्ज कर लिया है।
