मुंबई : मुंबई एयरपोर्ट और स्पाइसजेट के बीच सोमवार को सोशल मीडिया वार देखने को मिली। यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब एयरपोर्ट ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पाइसजेट के यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी पोस्ट की। एडवाइजरी में कहा गया कि मंगलवार 13 अगस्त की आधी रात से स्पाइसजेट की मुंबई से उड़ान भरने वाली सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहेंगी। बता दें कि स्पाइसजेट की ओर से मुंबई एयरपोर्ट को होने वाले भुगतान पूरा नहीं किया गया है। इस पेंडेंसी के लते ही मुंबई एयरपोर्ट ने अपने आधिकारिक X हैंडल @CSMIA_Official पर यह लेटर पोस्ट किया।
स्पाइसजेट का मामला सुलझा
इसके बाद स्पाइजेट ने एक स्टेटमेंट जारी करके कहा कि मुंबई के लिए और मुंबई से उड़ान भरने वाली सभी विमान सेवाएं नॉर्मल और नियमित रहेंगी। हालांकि, कुछ समय बाद मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने बाद में अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। इसके साथ ही कहा गया कि मुंबई एयरपोर्ट स्थिति को सुधारने के लिए एयरलाइन कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि यात्रियों की असुविधा को कम किया जा सके। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई कि वह अपनी उड़ान की स्थिति के बारे में जानकारी के लिए स्पाइसजेट हेल्पडेस्क या कॉल सेंटर में संपर्क करें।
फिर देर शाम स्पाइजेट ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि MIAL ने जो पैसेंजर एडवाइजरी जारी की थी, उसे वापस ले लिया गया है। मुंबई के लिए और मुंबई से ऑपरेट होने वाली हमारी विमान सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। स्पाइसजेट और MIAL ने मिलकर एक छोटे से वित्तीय मामले का तेजी से निपटारा कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट ने यह कदम उठाया था, क्योंकि एयरलाइन कंपनी के कुछ ड्यूज बाकी थे। इसमें पार्किंग चार्जेस और रेंटल फीस आदि शामिल थे। बता दें कि स्पाइसजेट वित्तीय समस्याओं के दौर से गुजर रहा है। खबरें तो ये भी आयी थीं कि स्पाइजेट ने कर्मचारियों के जुलाई महीने की सैलरी देने में भी देरी की है।
हाल में एयरलाइन कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सैलरी से जुड़े मुद्दे पर चिट्ठी लिखी थी। जिसमें कहा गया था. 'मैं समझता हूं कि हम सभी वेतन भुगतान को लेकर बहुत आशंकित हैं। हमने इस महीने वेतन के भुगतान में चूक की है और यह देरी उम्मीद से कहीं ज्यादा हुई है। जैसा कि आश्वासन दिया गया था, सैलरी कल जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन परिचालन में वित्तीय प्रतिबद्धताओं के चलते ऐसा करना संभव नहीं हो पाया।' स्पाइसजेट ने अपने कर्मचारियों को यह चिट्ठी 9 अगस्त को भेजी थी। पत्र में यह भी कहा गया कि एयरलाइन कंपनी एक अच्छी ब्रिज फंडिंग की तलाश में है, एक बार यह फंडिंग मिल गई तो सभी चीजें वापस दुरुस्त हो जाएंगी।
बात करें जून माह की तो सिविल एविएशन डाटा के अनुसार, मुंबई से उड़ान भरने वाली 57 फीसद विमानों ने देरी से उड़ान भरी। इसका मतलब यह है कि सिर्फ 43 फीसद उड़ानें ही समय पर उड़ीं। बता दें कि स्पाइसजेट का जून में घरेलू बाजार में 4.2 फीसद मार्केट शेयर था और देशभर में 16.7 लाख यात्रियों ने जून में स्पाइसजेट के विमानों से उड़ान भरी।
