महाराष्ट्र में औरंगजेब और टीपू सुल्तान पर सियासी विवाद और तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मुंबई से लगभग 320 किमी दूर धुले शहर में टीपू पर बना एक अवैध स्मारक तोड़ दिया गया है। बीच रोड (वडजई रोड चौफुली) पर इस चबूतरे का निर्माण असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायक फारुक अनवर शाह की मदद से कराया था, जिस पर बुलडोजर एक्शन हुआ है।
तोड़े जाने के बाद यह चबूतरा कुछ ऐसा नजर आया। (फोटोः @AdvAshutoshBJP/टि्वटर)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हंड्रेड फीट स्ट्रीट पर चौक है, जहां पर सुंदरीकरण का काम हो रहा था। इसी बीच, शाह ने बिना किसी की अनुमति के यह स्मारक बनवा दिया और उसका नाम टीपू के नाम पर रखवाया। जैसे ही इस बारे में बीजेपी की स्थानीय इकाई को पता चला, उन्होंने कड़ा विरोध जताया और सूबे के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास एक इस संदर्भ में एक चिट्ठी भेजी थी।
दो-तीन महीने से चल रहा टीपू-औरंगजेप पर विवाद
दरअसल, सड़क के बीच में बनवाए गए इस अवैध स्मारक को लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। उन्हीं की शिकायत के बाद प्रशासन ने इस पर दो दिन पहले अपनी कार्रवाई की। वैसे, राज्य में टीपू को लेकर यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। पिछले दो-तीन महीनों में टीपू और औरंगजेब को लेकर सूबे में काफी जगह तनाव की स्थिति देखने को मिली और इसी कड़ी में यह ताजा मामला था।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह फोटो स्मारक के तोड़े जाने के पहले का बताया जा रहा है।
Who was Tipu Sultan?
20 नवंबर 1750 को जन्मे टीपू का पूरा नाम सुल्तान फतेह अली साहब टीपू था। दक्षिण भारत में मैसूर साम्राज्य पर उसने दिसंबर 1782 से लेकर अपनी मृत्यु यानी 1799 तक शासन किया था। उसे आज भी कई लोग "टाइगर ऑफ मैसूर" (मैसूर का बाघ) के नाम से भी जानते हैं। हालांकि, इतिहासकारों में उसकी छवि को लेकर अलग-अलग मत हैं।
