Maratha Reservation: महाराष्ट्र के जालना जिले में शुक्रवार (एक सितंबर, 2023) को मराठा आरक्षण के लिए प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। बेकाबू भीड़ के उपद्रव की वजह से पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हुए, जबकि इस दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने तक की नौबत भी आई।
एनसीपी नेता अनिल देशमुख।
अधिकारियों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, "अंबाड तहसील में धुले-सोलापुर रोड पर अंतरवाली सराथी गांव में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।" इस बीच, ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने हवा में गोलीबारी की, लेकिन अधिकारियों ने इस बाबत पुष्टि नहीं की।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को आंदोलन हिंसक हो गया और कुछ लोगों ने राज्य परिवहन की बसों और निजी वाहनों को निशाना बनाया। पुलिस सूत्रों की मानें तो पथराव में पुलिस उपाधीक्षक सचिन सांगले सहित कम से कम 18 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए, जबकि अंतरवली सराथी में लाठीचार्ज में 20 प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
अधिकारियों ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों से बात की थी और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया था। जालना में अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है।
उधर, शरद पवार के गुट वाली एनसीपी के नेता अनिल देशमुख ने बताया कि मराठा रिजर्वेशन के लिए शांतिपूर्ण ढंग से मार्च हो रहा था, जिस पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया। मैं इसकी सख्ती के साथ निंदा करता हूं।
दरअसल, मनोज जारांगे के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मंगलवार से गांव में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे। सियासी रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए गए आरक्षण को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
