Famous Temple in Mumbai: सिद्धिविनायक ही नहीं मुंबई के इन मंदिरों को देखकर भी आप हो जाएंगे दंग, देखिए पूरी लिस्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 29, 2022, 01:48 PM IST

Famous Temple in Mumbai: नए साल को अगर आप भगवान के दर्शन करके मानने चाहते हैं तो मुंबई और इसके आस-पास कई मशहूर मंदिर हैं, जहां दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद लिया जा सकता है। मुंबई के इन मंदिरों की अपनी अलग खासियत भी रही है, जो हमेशा चर्चा में रहते हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • नए साल पर मुंबई के मशहूर मंदिरों के दर्शन करें
  • मुंबई और इसके आस-पास हैं कई मशहूर मंदिर
  • मुंबई के इन मंदिरों की अपनी अलग खासियत रही है

Best Places to Visit in near Mumbai: सिर्फ दो दिनों बाद नया साल आ जाएगा। नए साल का जश्न हर कोई मनाना पसंद करता है। इस खास दिन को हर कोई अलग-अलग तरीके से मनाता है। नए साल पर कुछ लोग मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद लेना पसंद करते हैं, ताकि उनका आने वाला साल हर तरीके से मंगलमय हो। ऐसे में अगर आप नए साल पर मुंबई के मंदिर में जाना चाहते हैं, तो आज हम आपको मुंबई के कुछ खास मंदिरों से रू-ब-रू करवाएंगे, जहां जाकर आप भगवान के दर्शन कर सकते हैं।

Famous Temple in mumbai

मुंबई के मशहूर मंदिर

बाबुलनाथ मंदिर

बाबुलनाथ मंदिर भगवान शिव का मंदिर है। यह मुंबई के मालाबार इलाके में स्थित है और मरीन लाइन्स रेलवे स्टेशन से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर है। यह मंदिर मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक है और मारवाड़ी और गुजराती समुदायों के बीच काफी प्रसिद्ध है। मंदिर को इस तरह से बनाया गया है कि यह भक्तों को भगवान शिव के घर कैलाश पर्वत का एहसास करवाता है।

वालकेश्वर मंदिर

वालकेश्वर मंदिर मुंबई शहर के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान राम ने अपनी पूजा करने के लिए रेत से शिवलिंग बनाया था। मंदिर का निर्माण लगभग एक हजार साल पहले मालाबार हिल पर शिलाहार राजवंश द्वारा किया गया था। मंदिर भगवान राम के साथ-साथ सिल्हारा राजवंश की कथा को श्रद्धांजलि देता है और भगवान शिव को समर्पित है।

बाबू अमीचंद पन्नालाल आदेश्वरजी जैन मंदिर

बाबू अमीचंद पन्नालाल आदेश्वरजी जैन मंदिर मुंबई के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। मंदिर का निर्माण 1970 में किया गया था और यह अपनी जटिल संगमरमर की नक्काशी और वास्तुकला के लिए जाना जाता है, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ अक्सर आती रहती है। यह मंदिर जैन डेरावासी समुदाय के बीच काफी प्रसिद्ध है और जैन धर्म के पहले तीर्थंकर आदिश्वर को समर्पित है।

इस्कॉन

इस्कॉन हरे कृष्ण आंदोलन का घर है जिसकी स्थापना 1978 में मुंबई में आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने की थी। दुनिया भर से लोग आंतरिक शांति पाने के लिए मंदिर में दर्शन करने आते हैं और एक आध्यात्मिक पुकार पाते हैं जो उन्हें दूसरी दुनिया में ले जाएगी। मंदिर प्राचीन सफेद संगमरमर से बना है। कृष्ण मुख्य देवता हैं जो इस मंदिर में विराजमान हैं। मंदिर एक ध्यान केंद्र के रूप में भी कार्य करता है, जहां भक्त आकर शांति से समय बिता सकते हैं और शांति प्राप्त कर सकते हैं। यह इस्कॉन मंदिर जूहु में स्थित है।

बालाजी मंदिर

नेरुल में बालाजी मंदिर दक्षिण भारतीय समुदाय द्वारा अत्यधिक पूजनीय है। मंदिर का निर्माण नेरुल में एक छोटी पहाड़ी पर किया गया है और मंदिर रेलवे स्टेशन के काफी करीब है। मंदिर के मुख्य देवता बालाजी हैं, लेकिन इस विशाल मंदिर परिसर में लक्ष्मी, नरसिम्हा, विद्या गणपति, रामानुज और विश्वक्सेना जैसे अन्य देवताओं को समर्पित मंदिर भी हैं। यह मंदिर नवी मुंबई में स्थित है।

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