देशभर में कोरोना के 5755 सक्रिय केस सामने आए हैं। साथ ही, बीते 24 घंटे में 4 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं, महाराष्ट्र में शनिवार को कोविड-19 के 86 नये मामले सामने आए। इसके साथ ही, राज्य में जनवरी से अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1362 हो गई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नये मामलों में से 31 पुणे शहर में और दो ग्रामीण इलाकों में, 28 मुंबई में, सात पुणे के पास पिंपरी चिंचवड़ टाउनशिप में, छह ठाणे में, चार छत्रपति संभाजीनगर में, तीन नागपुर में, दो मीरा भायंदर में, एक-एक सातारा, कोल्हापुर और सांगली में पाए गये है। स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से अब तक कोविड-19 के कुल 16,226 नमूनों की जांच की है, जिनमें से 1,362 लोग कोविड से संक्रमित पाए गए है।
(सांकेतिक फोटो)
जनवरी से अब तक मुंबई में कोविड के कुल 640 मामले सामने आए हैं। इनमें से 634 मामले अकेले मई के महीने में दर्ज किए गए। बयान के अनुसार, शुक्रवार से अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। बयान में कहा गया है कि जनवरी 2025 से अब तक कुल 18 मरीज संक्रमण के कारण दम तोड़ चुके हैं, जिनमें से 17 अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे।
गुजरात में बढ़े कोविड के मामले
गुजरात में वैसे तो कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन, राहत की बात यह है कि 461 सक्रिय मामलों में से केवल 20 मरीज वर्तमान में अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जबकि 441 घर पर ठीक हो रहे हैं। अहमदाबाद में सबसे ज्यादा 241 सक्रिय मामले सामने आए हैं। यह राज्य के कुल मामलों का आधे से भी अधिक है।
देशभर के सक्रिय मामलों में से 10 प्रतिशत सिर्फ गुजरात में हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से पता चलता है कि हल्के लक्षणों वाले ज्यादातर कोविड-19 मरीजों का इलाज घर पर ही किया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती होने की व्यवस्था मुख्य रूप से गंभीर लक्षणों वाले मरीजों के लिए आरक्षित है। स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष रूप से अहमदाबाद जैसे शहरी केंद्रों में, जहां अधिकांश मामले केंद्रित हैं, उच्च अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य ने परीक्षण बढ़ा दिया है और स्थानीय स्वास्थ्य निगरानी टीमों के माध्यम से क्लस्टरों की निगरानी कर रहा है। जिन जिलों में मामले बढ़ रहे हैं, वहां अस्पतालों को अलग से वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सिविल अस्पतालों और जिला स्वास्थ्य केंद्रों को आपातकालीन जरूरतों के लिए ऑक्सीजन बेड और आईसीयू तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान फिर से शुरू किए गए हैं। नागरिकों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने के लिए आग्रह किया गया है।
