महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत हो गई है। इस सत्र के दौरान कांग्रेस कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विवादास्पद बयान दिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। पटोले, जो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं, ने किसानों के अपमान को लेकर बीजेपी विधायक बबनराव लोणीकर और कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता पटोले के बयान के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में मचा हंगामा
पटोले ने किया माफी मांगने से इनकार
बता दें कि सत्र के दौरान पटोले सदन में मंच पर चढ़कर जोरदार विरोध जताया, जिसके बाद स्पीकर राहुल नार्वेकर ने उन्हें पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पटोले के व्यवहार को 'अस्वीकार्य' बताया और उनसे माफी मांगने की अपील की, लेकिन पटोले ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के अपमान पर आवाज उठाना उनका अधिकार है।
बीजेपी के नेताओं के बयानों पर दी प्रतिक्रिया
पटोले ने बीजेपी नेताओं के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें लोणीकर ने कहा था कि आलोचना करने वालों को सरकार से सहायता मिलती है, और कोकाटे ने कहा था कि किसान ऋण माफी का पैसा शादियों में खर्च कर रहे हैं। विपक्ष ने पटोले के निलंबन के खिलाफ सदन से वॉकआउट किया, यह कहते हुए कि उन्होंने किसानों की आवाज उठाई है। पटोले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती और केवल प्रचार करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए 'नाम बदलो अभियान' चला रही है।
