Chhatrapati Sambhajinagar Railway Station: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर ‘छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन’ (Chhatrapati Sambhajinagar Railway Station) कर दिया गया है। यह निर्णय दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ मंडल के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारियों की मंजूरी के बाद लागू हुआ है। स्टेशन का नया कोड ‘CPSN’ निर्धारित किया गया है।
औरंगाबाद रेलवे स्टेशन अब से छत्रपति संभाजीनगर
आधिकारिक रूप से बदला नाम
महाराष्ट्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक राजपत्र अधिसूचना में इस बदलाव को मंजूरी दी थी। अब भारतीय रेल ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। इसके बाद रेलवे की सभी सूचनाओं, टिकट बुकिंग सिस्टम, स्टेशन बोर्ड और घोषणाओं में स्टेशन का नाम ‘छत्रपति संभाजीनगर’ के रूप में दिखाई देगा।
ऐतिहासिक निर्णय का राजनीतिक संदर्भ
यह कदम 2023 में औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर करने के बाद उठाया गया है। शहर और स्टेशन दोनों का नाम परिवर्तन महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत और छत्रपति संभाजी महाराज की स्मृति से जुड़ा है। राजनीतिक तौर पर यह फैसला राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह निर्णय भाजपा नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने लिया है, हालांकि इस प्रक्रिया की शुरुआत शिवसेना नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के कार्यकाल में हुई थी।
80 के दशक से उठ रही थी मांग
1980 के दशक के उत्तरार्ध से औरंगाबाद का नाम बदलने की मांग उठती रही, जो 1988 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान चरम पर पहुंची, इन दंगों में 25 से अधिक लोगों की जान गई। उसी वर्ष शिवसेना ने औरंगाबाद नगर निगम पर नियंत्रण स्थापित किया और 8 मई को बाल ठाकरे ने सार्वजनिक रूप से शहर का नाम ‘संभाजी नगर’ रखने की घोषणा की। 1995 में इस नाम परिवर्तन को लेकर एक प्रस्ताव पारित हुआ और जनता से परामर्श लिया गया। अंततः सितंबर 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने एक विशेष मंत्रिमंडल बैठक में अनुमोदन के बाद जिले का नाम आधिकारिक रूप से ‘छत्रपति संभाजीनगर’ कर दिया। हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस शहर को भारत की भविष्य की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) राजधानी घोषित किया है।
