दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Expressway) के आम जनता के लिए खुलने का बड़ी ही बेसब्री इंतजार हो रहा है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के आम जनता के लिए खुलने से पहले ही एक बड़ा हादसा हो गया है। 12000 करोड़ की लागत से बनने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक पिलर गिर गया है। पिलर गिरने की यह घटना मेरठ के पास देवबंद में हुई, जिसमें दो मजदूर घायल हो गए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हादसा
यह दुर्घटना रविवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुई। यहां जब एक कॉन्क्रीट गर्डर को मशीन की मदद से शिफ्ट किया जा रहा था, उस समय वह गिर गया। इस दुर्घटना में दो मजदूरों के पैर जख्मी हो गए। उनमें से एक के पैर की हड्डी तक टूट गई। देवबंद के सर्कल ऑफिसर रविकांत पराशर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को यह जानकारी दी।NHAI के अधिकारियों के अनुसार पिलर के अंदर कोई भी मजदूर नहीं फंसा था, इसके बावजूद पूरी जांच की गई।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा, 'दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत देवबंद नहर पर फ्लाइओवर बनाने के दौरान यह दुर्घटना हुई। 13 मार्च से 15 दिन के लिए नहर को बंद किया गया है, इसी दौरान 23 मार्च को गर्डर लॉन्च की तारीख तय की गई थी।'
उन्होंने बताया कि गर्डर लॉन्च के दौरान क्रेन की एक तार टूट गई, जिससे गर्डर नीचे गिर गया। इसके साथ ही चार अन्य गर्डर भी नीचे गिर गए। उन्होंने जानकारी दी कि यह पूरी दुर्घटना क्रेन की तार टूटने के कारण हुई तकनीकी दिक्कत की वजह से हुई। इसमें गर्डर की क्वालिटी में किसी तरह की कमजोरी का कोई मामला नहीं है।
उन्होंने जानकारी दी कि किसी तरह की समस्या से बचने के लिए कॉन्ट्रैक्टर ने वहां से ट्रैफिक डायवर्जन किया है। दो मजदूरों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज कॉन्ट्रैक्टर अपने खर्च पर करवा रहे हैं। NHAI के अधिकारियों का कहना के इस मामले में एक एक्सपर्ट कमेटी जांच करेगी और ताकी इसके तकनीकी पहलुओं को समझा जा सके।
