Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील से एक दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बंडा विकासखंड के चार अलग-अलग गांवों में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन करने से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जहरीली शराब का कहर (सांकेतिक चित्र)
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस मामले में प्रशासन ने कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी को निलंबित किया है।
5 मरीजों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. देवेश पटेरिया ने बंडा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान पुष्टि की कि संदिग्ध जहरीली शराब पीने के कारण 11 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद 5 लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत सागर जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका गहन इलाज कर रही है।
इन गांवों में बिगड़ी लोगों की तबीयत
बंडा के पूर्व विधायक तरवर लोधी के अनुसार, बंडा ब्लॉक के बराज, घूघर, नौराज और आसपास के ग्रामीण इलाकों के निवासियों ने शनिवार रात शराब का सेवन किया था। इसके कुछ ही देर बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों द्वारा मरीजों को आनन-फानन में बंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने कई लोगों को मृत घोषित कर दिया।
पूर्व विधायक ने क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की है कि जिन लोगों ने भी पिछले दो-तीन दिनों के भीतर स्थानीय दुकानों या अवैध विक्रेताओं से शराब खरीदकर पी है और उन्हें कोई भी शारीरिक असहजता महसूस हो रही है, वे बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सागर की जिलाधिकारी (DM) प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया पुलिस एवं प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मीडिया से चर्चा करते हुए जिलाधिकारी प्रतिभा पाल ने कहा कि कुछ लोग बीमार पड़े हैं और मौतों की सूचना मिली है।
सिविल अस्पताल में सभी का इलाज और परीक्षण चल रहा है। नौराज और घूघर जैसे प्रभावित इलाकों में डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष जांच टीमें तैनात कर दी गई हैं। यह जरूरी नहीं कि मौतें केवल जहरीली शराब से ही हुई हों, विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही कारणों का पता चल सकेगा।
