दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर मध्यप्रदेश में इस समय घमासान मचा हुआ है। यहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को पार्टी द्वारा टिकट दिए जाने से नरोत्तम मिश्रा के खेमे में बेहज नाराजगी है। वहीं, भाजपा भी इस हंगामे के बाद पार्टी समर्थकों में उपजे तनाव को शांत करने के लिए जुट गई है। इस बीच नरोत्तम मिश्रा की एक गुप्त बैठक की तस्वीर सामने आई है। इसमें वह मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जामवाल के साथ बैठे दिख रहे हैं। ये बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास की बताई जा रही है।
सीएम मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महासचिव अजय जामवाल के साथ नरोत्तम मिश्रा।
इस मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान भी सामने आया है। जहां उन्होंने साफ किया कि उन्हें पार्टी के फैसले से कोई नाराजगी नहीं है और वह संगठन के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।
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मुलाकात के बाद भोपाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि टिकट की उम्मीद सभी को होती है, लेकिन उन्हें टिकट न मिलने से कोई दुख या शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। जो होगा, अच्छा ही होगा।"
इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता पार्टी परिवार का हिस्सा हैं और उन्हें समझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये हमारे अपने लोग हैं, सब मान जाएंगे। मैं किसी से नाराज नहीं हूं और मुझे किसी से कोई असंतोष नहीं है।
पार्टी बदलने की अफवाहों को भी किया खारिज
नरोत्तम मिश्रा ने इस दौरान पार्टी बदलने की अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी बदलने जैसी कोई बात नहीं है और उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि वह दतिया से भाजपा उम्मीदवार के नामांकन में शामिल होंगे और यदि पार्टी चाहेगी तो उम्मीदवार अशुतोष तिवारी के चुनाव प्रचार में भी पूरी सक्रियता से भाग लेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पत्थरबाजी या विरोध के किसी भी हिंसक तरीके से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने राजमार्ग बाधित किया
इससे पहले, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में उनके समर्थकों ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाया और पुलिस पर पथराव किया था। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
दरअसल, सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था जिसके बाद मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष और कुछ स्थानीय पार्षदों समेत कई पदाधिकारियों ने विरोध में भाजपा से इस्तीफा भी दे दिया था।
नरोत्तम मिश्रा ने खरीद लिया था नामांकन पत्र
आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से पूर्व मंत्री मिश्रा को झटका लगा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था।
दतिया विधानसभा सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव
बता दें कि भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा तीन बार यहां से विधायक रहे हैं। हालांकि बीते विधानसभा चुनाल में कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से पराजित किया था। हालांकि, फिर दिल्ली की एक अदालत ने इस वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।इसके बाद वह विधायक के रूप में अयोग्य हो गए और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया।
निर्वाचन आयोग ने हाल में दतिया समेत देश की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। अन्य दो सीट बिहार और गुजरात में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई को मतदान होगा जबकि मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी।
