भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा मूल्यांकन में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चयनित युवा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी मूल्यांकन करेंगे और उनके क्रियान्वयन में सामने आने वाली कमियों की पहचान करेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम फेलोज को किया संबोधित
मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर ग्लोबल विलेज फाउंडेशन और सुशासन संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक वर्ष के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वर्ष 2025 को रोजगार और निवेश, 2026 को किसान कल्याण और 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। युवा वर्ष के दौरान युवाओं के लिए सालभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि युवा अपनी जिम्मेदारी को केवल नौकरी तक सीमित न रखें, बल्कि प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 55 जिलों से चयनित युवा प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन करेंगे। इससे योजनाओं की कमजोरियों को पहचानने और उनमें आवश्यक सुधार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यंग प्रोफेशनल्स से जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने और जनभागीदारी की भूमिका को समझने का आह्वान किया।
युवाओं को दी समय प्रबंधन की सलाह
मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया। भोपाल की प्राची गौर ने मैदानी स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के बारे में सवाल पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने समय प्रबंधन पर ध्यान देने, शांत रहकर काम करने और आम लोगों से सहज संवाद बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नवाचार के लिए तैयार रहना चाहिए और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव को भी महत्व देना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आत्मविश्वास, विनम्रता और बेहतर संवाद शैली के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
