Motihari News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पहाड़पुर थाना क्षेत्र की इनरवाभार पंचायत स्थित बनकट, नूनिया टोला गांव में जितिया पर्व के स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। स्थानीय पोखरे में नहाने गई चार नाबालिग बच्चियों की गहरे पानी में डूबने से अकाल मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और मातम पसर गया है।
पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर में हुआ हादसा
नहाने दौरान गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह गांव में जितिया पर्व को लेकर महिलाओं और बच्चों में काफी उत्साह और चहल-पहल थी। पर्व के अनुष्ठान के तहत सुबह करीब 9:30 बजे गांव की कुछ महिलाओं के साथ बच्चियां पास के ही पोखरे पर नहाने पहुंचीं। नहाने के दौरान चार बच्चियां पानी के बहाव और गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण धीरे-धीरे पोखरे के गहरे हिस्से में चली गईं और देखते ही देखते डूब गईं।
एक बच्ची ने दौड़कर दी गांव में सूचना
हादसे के वक्त किनारे पर मौजूद एक अन्य बच्ची ने जब चारों को डूबते देखा, तो वह बदहवास होकर चिल्लाते हुए गांव की तरफ भागी और ग्रामीणों को अनहोनी की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनते ही बदहवास परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पोखरे की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत पानी में उतरकर खोजबीन शुरू की और कड़ी मशक्कत के बाद चारों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस और निजी वाहनों से पहाड़पुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद चारों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक बच्चियों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाली चारों मासूमों की पहचान सोनामती (13 वर्ष) पिता प्रमोद महतो, फूलमती (10 वर्ष) पिता प्रमोद महतो, सोनाली कुमारी (10 वर्ष) पिता बीरेंद्र महतो, प्रतिमा (12 वर्ष) पिता अच्छेलाल पासवान के तौर पर हुई है। मृतक सोनामती और फूलमती के पिता प्रमोद महतो ने रोते हुए बताया, "हमलोग काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। यहां बच्चों के बाहर निकलने पर यह हादसा हो गया। कुल 4 बच्चे थे, जिनमें से दो हमारी अपनी बेटियां थीं... एक बच्चा चीखते हुए गांव की तरफ भागा, तब जाकर ग्रामीणों को घटना का पता चला।"
पुलिस और प्रशासन का एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाना पुलिस और अंचल अधिकारी (CO) रामसूरत पासवान घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार मृतक बच्चियों के परिजनों को सरकारी सहायता व मुआवजा राशि दी जाएगी।
